Google Pay के UPI Circle फीचर से अब आप बच्चों और फैमिली मेंबर्स को पॉकेट मनी भेजकर उनके खर्च को ट्रैक और कंट्रोल कर सकते हैं।
डिजिटल पेमेंट के दौर में अब पैसे भेजना ही नहीं, बल्कि उन्हें सही तरीके से मैनेज करना भी आसान हो गया है। Google Pay ने अपने यूजर्स के लिए एक खास फीचर UPI Circle पेश किया है, जो खासतौर पर बच्चों और फैमिली मेंबर्स के लिए पॉकेट मनी को स्मार्ट तरीके से मैनेज करने में मदद करता है।
यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जो अपने बच्चों या छोटे भाई-बहनों को नियमित रूप से पैसे भेजते हैं, लेकिन साथ ही यह भी चाहते हैं कि उनका खर्च सीमित और नियंत्रित रहे। UPI Circle के जरिए यूजर्स न सिर्फ पैसे भेज सकते हैं, बल्कि यह भी तय कर सकते हैं कि सामने वाला व्यक्ति कितनी राशि खर्च कर सकता है और किस तरह से खर्च करेगा।
इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि इसमें दो तरह के कंट्रोल ऑप्शन मिलते हैं। पहला, हर ट्रांजैक्शन को मैन्युअली अप्रूव करने का विकल्प, जिससे बिना आपकी अनुमति कोई पेमेंट नहीं हो सकेगा। दूसरा, महीने की एक तय लिमिट सेट करने का ऑप्शन, जिससे यूजर निर्धारित बजट के अंदर ही खर्च कर सकेगा।
UPI Circle फीचर डिजिटल पैरेंटिंग को एक नया आयाम देता है। इससे माता-पिता या बड़े भाई-बहन बच्चों के खर्च को ट्रैक कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित भी कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जहां बच्चों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की आदत सिखाई जा रही है।
इस सुविधा को इस्तेमाल करने के लिए दोनों यूजर्स के पास एक्टिव Google Pay अकाउंट और बैंक अकाउंट लिंक होना जरूरी है। प्राइमरी यूजर एक समय में अधिकतम 5 सेकेंडरी यूजर्स को जोड़ सकता है। इसके अलावा, सेकेंडरी यूजर का मोबाइल नंबर कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव होना चाहिए और उसके पास वैध UPI ID होना जरूरी है।
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सेटअप प्रक्रिया भी बेहद आसान रखी गई है। यूजर को Google Pay ऐप खोलकर प्रोफाइल सेक्शन में जाकर UPI Circle ऑप्शन चुनना होता है। इसके बाद ‘Set up pocket money’ विकल्प पर क्लिक करके सेकेंडरी यूजर को जोड़ना होता है। फिर यूजर अपनी जरूरत के अनुसार लिमिट सेट कर सकता है या हर पेमेंट को अप्रूव करने का विकल्प चुन सकता है।
अगर आप मासिक लिमिट सेट करते हैं, तो आपको एक तय राशि दर्ज करनी होती है और सेकेंडरी यूजर की डिटेल्स भरनी होती हैं। इसके बाद रिलेशनशिप और सरकारी ID के जरिए वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है। वहीं, अगर आप हर पेमेंट को अप्रूव करने का विकल्प चुनते हैं, तो हर ट्रांजैक्शन से पहले आपकी मंजूरी जरूरी होगी।
सेकेंडरी यूजर को भी इस प्रक्रिया में वेरिफाई करना होता है, जिसमें रिलेशनशिप कन्फर्म करना और किसी वैध सरकारी पहचान पत्र की जानकारी देना शामिल है। यह प्रक्रिया सुरक्षा को और मजबूत बनाती है।
कुल मिलाकर, Google Pay का UPI Circle फीचर डिजिटल फाइनेंस मैनेजमेंट को और ज्यादा सुरक्षित, आसान और कंट्रोल्ड बनाता है। यह न केवल बच्चों को पैसे संभालने की समझ देता है, बल्कि परिवार के बड़े सदस्यों को भी मानसिक शांति प्रदान करता है कि उनका पैसा सही तरीके से इस्तेमाल हो रहा है।

