हरियाणा में अग्निवीर नीति 2024 लागू, 20% आरक्षण, रोजगार गारंटी और सैनिक कल्याण निगम गठन से युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ।
हरियाणा सरकार ने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने घोषणा की है कि प्रदेश में जल्द ही सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम की स्थापना की जाएगी, जिससे पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को रोजगार, पुनर्वास और कल्याण से जुड़ी सुविधाएं एक ही मंच पर मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा “हरियाणा अग्निवीर नीति–2024” को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसे अगस्त 2026 से लागू किया जाएगा। इस नीति के तहत अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाला हॉरिजॉन्टल आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और सेना से लौटने के बाद उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत वर्ष 2022–23 में देशभर में 26,649 अग्निवीरों की भर्ती का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें हरियाणा से भी बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। 2022–23 में 1,830 और 2023–24 में 2,215 अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा से हुई। उन्होंने बताया कि चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने के बाद जुलाई 2026 में पहला बैच वापस लौटेगा, जिसमें हरियाणा के लगभग 75 प्रतिशत यानी 1,373 अग्निवीर शामिल होंगे।
राज्य सरकार ने इन पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार की गारंटी देने का भी निर्णय लिया है, जिससे हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो पूर्व अग्निवीरों को संगठित रूप से रोजगार उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा, हरियाणा पुलिस, जेल विभाग, फॉरेस्ट गार्ड सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में उन्हें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने बजट 2026–27 में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम खोलने की घोषणा की है। इस निगम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों को रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।
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स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक और महत्वपूर्ण योजना तैयार की है, जिसके तहत अग्निवीरों को तीन वर्षों तक ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवा उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे और आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
मंत्री ने यह भी बताया कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत सेवा के दौरान अग्निवीरों को मिलने वाला सेवा निधि पैकेज लगभग ₹11.71 लाख होगा, जिसमें उनका स्वयं का अंशदान और केंद्र सरकार का योगदान शामिल है। यह राशि उन्हें भविष्य की नई शुरुआत के लिए आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।
इसके अलावा, हरियाणा सरकार पहले से ही सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है। वर्ष 2016 में राज्य में अलग सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की स्थापना की गई थी। अक्टूबर 2014 से अब तक 420 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जो सरकार की सैनिक हितैषी नीतियों को दर्शाता है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह पहल न केवल अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करेगी, बल्कि युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम के गठन से हरियाणा में सैनिक कल्याण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा और राज्य अन्य प्रदेशों के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

