हरियाणा में ऑटो अपील सिस्टम और RTS मॉडल से 98% से अधिक मामलों का समाधान, राज्यपाल असीम घोष ने बताया देश के लिए आदर्श।
हरियाणा ने समयबद्ध और पारदर्शी सरकारी सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। असीम कुमार घोष ने कहा कि आमजन तक निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएं पहुंचाने में हरियाणा आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
लोक भवन, हरियाणा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (RTS) की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने विशेष रूप से राज्य में लागू ‘ऑटो अपील सिस्टम’ की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों के अधिकारों को मजबूत करने और प्रशासन को जवाबदेह बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
राज्यपाल ने कहा कि इस प्रणाली के तहत यदि निर्धारित समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं करवाई जाती, तो आवेदन स्वतः अपील में बदल जाता है और उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया, जिसमें शासन को केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रखते हुए परिणाम आधारित बनाने पर जोर दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि नागरिक सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता ही सुशासन का असली पैमाना है। उन्होंने बताया कि आयोग की निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था के कारण विभागों की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आया है और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी इस बदलाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहले नागरिकों को यह भी पता नहीं चलता था कि उनकी फाइल किस स्तर पर लंबित है, लेकिन अब डिजिटल पोर्टल और पारदर्शी सिस्टम के जरिए हर चरण की जानकारी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और संस्थागत सुधारों का परिणाम है।
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टी.सी. गुप्ता ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि आज राज्य के 56 विभागों की 802 सेवाएं इस प्रणाली से जुड़ी हुई हैं। अब तक 27 लाख से अधिक अपीलों और रिवीजनों में से लगभग 98.4 प्रतिशत मामलों का सफल निपटारा किया जा चुका है, जो इस मॉडल की सफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आय, जाति, निवासी प्रमाण पत्र, बिजली, पानी, सीवरेज, प्रॉपर्टी आईडी और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में इस व्यवस्था ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। ऑटो अपील सिस्टम (AAS) ने मैनुअल प्रक्रिया को खत्म कर सेवाओं को तेज, सरल और अधिक प्रभावी बनाया है।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, बिजली निगम और एनआईसी से जुड़े अधिकारी शामिल रहे।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जहां तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को एक साथ जोड़कर नागरिक सेवाओं को अधिकार आधारित बनाया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी यह प्रणाली और मजबूत होगी तथा हर नागरिक को समयबद्ध सेवा का उसका अधिकार सुनिश्चित करेगी।

