560 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले पर हरियाणा सरकार सख्त, CBI जांच की तैयारी और दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
हरियाणा में सामने आए लगभग 560 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक घोटाले को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कहा है कि इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि इस बड़े वित्तीय घोटाले में कई लोगों द्वारा सरकारी और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर रकम को अपने खातों में ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी संकेत दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए इसे सीबीआई को दिया जाएगा।
अनिल विज ने कहा कि इस घोटाले से जुड़े कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे ही मामला सीबीआई के पास जाएगा, जांच तेज होगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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राजनीतिक सवालों के जवाब में अनिल विज ने आगामी चुनावों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी देश के कई राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार के बाद अब असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी पार्टी जीत दर्ज करेगी।
वहीं, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के मंडी दौरों को लेकर तीखी टिप्पणी की। विज ने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में किसानों के लिए कुछ नहीं कर पाए, वे अब वर्तमान सरकार के प्रयासों में कमियां निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के बावजूद सरकार मंडियों में फसल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर रही है।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार किसानों के हितों और पारदर्शी प्रशासन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चाहे घोटाले का मामला हो या फसल सुरक्षा का मुद्दा, हर क्षेत्र में जवाबदेही तय की जाएगी और आम जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सीबीआई जांच के बाद इस बड़े बैंक घोटाले में कौन-कौन से नए खुलासे सामने आते हैं और किन-किन लोगों की भूमिका उजागर होती है।

