हरियाणा में 5715 करोड़ के ‘वॉटर सिक्योर’ कार्यक्रम से जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और कृषि सुधार को मिलेगा बढ़ावा।
हरियाणा सरकार ने जल संकट से निपटने और कृषि क्षेत्र में जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य में दीर्घकालिक जल स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
करीब 5,715 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्यक्रम में 4,000 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग विश्व बैंक द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह योजना अगले छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में जल प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाना है।
इस परियोजना को विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से लागू किया जाएगा। इसके तहत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को 3,328 करोड़ रुपये, सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण को 1,500 करोड़ रुपये तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को 887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह का समन्वय राज्य में जल प्रबंधन को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू करने में मदद करेगा।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता डॉ. सतबीर सिंह कादियान के अनुसार, यह कार्यक्रम आधुनिक तकनीकों, डिजिटल डेटा सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से जल प्रबंधन में संरचनात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। यह योजना राज्य के 15 क्लस्टरों में लागू की जाएगी, जिससे लगभग 48.94 लाख एकड़ क्षेत्र को लाभ मिलेगा और सिंचाई योग्य क्षेत्र के बड़े हिस्से में सुधार देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें फसल विविधीकरण, जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग और डायरेक्ट सीडेड राइस जैसी आधुनिक विधियों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, वास्तुकला विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल और आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम राज्य में जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए एक दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थिरता और उत्पादकता भी बढ़ेगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

