हरियाणा सरकार ने सहकारिता विभाग में लिंक अधिकारी नियुक्त किए, ताकि अधिकारियों की अनुपस्थिति में भी कामकाज सुचारू रहे।
हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सहकारिता विभाग में एक अहम निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने विभाग में विभिन्न पदों पर लिंक अधिकारियों की नियुक्ति की है, ताकि किसी अधिकारी के स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे या चुनावी ड्यूटी के कारण कार्य प्रभावित न हो।
इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, यदि रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां अनुपस्थित रहते हैं, तो सहकारिता सचिव को लिंक अधिकारी-1 और हैफेड के प्रबंध निदेशक को लिंक अधिकारी-2 के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इसी प्रकार, हैफेड के प्रबंध निदेशक की अनुपस्थिति में शुगरफेड के प्रबंध निदेशक लिंक अधिकारी-1 तथा एचडीडीसीएफ के प्रबंध निदेशक लिंक अधिकारी-2 के रूप में कार्य करेंगे। वहीं शुगरफेड के प्रबंध निदेशक के अनुपस्थित रहने की स्थिति में हैफेड के प्रबंध निदेशक लिंक अधिकारी-1 और सहकारिता सचिव लिंक अधिकारी-2 की भूमिका निभाएंगे।
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एचडीडीसीएफ के प्रबंध निदेशक के मामले में शुगरफेड के प्रबंध निदेशक को लिंक अधिकारी-1 और हैफेड के प्रबंध निदेशक को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में कोई व्यवधान न आए और विभागीय कार्य समय पर पूरे होते रहें।
सरकार द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो भी अधिकारी अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे या चुनावी कार्य के लिए अनुपस्थित रहेगा, उसे अपने नामित लिंक अधिकारी को पहले से सूचित करना अनिवार्य होगा। इससे कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और जिम्मेदारियों का स्पष्ट हस्तांतरण सुनिश्चित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। हरियाणा सरकार का यह कदम सुशासन और प्रभावी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी।

