मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 1028 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी, कई विभागों की खरीद प्रक्रियाएं हुईं अंतिम।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए 10 से अधिक विभागों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं और खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में करीब 1028 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, डीएचबीवीएन, एचएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, डीएमईआर, एफएमडीए, जीएमडीए, सिंचाई विभाग और पीएचईडी सहित कई विभागों की परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बोलीदाताओं के साथ नेगोशिएशन कर करीब 96 करोड़ रुपये की बचत भी सुनिश्चित की गई, जो वित्तीय प्रबंधन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खर्च की जाने वाली राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बिजली और बुनियादी ढांचे से जुड़ी खरीद प्रक्रियाओं को भी अंतिम रूप दिया गया, जिनमें 11 मीटर लंबे पीसीसी पोल, सिंगल फेस और थ्री फेस नेट मीटर तथा 25 केवीए ट्रांसफार्मरों की खरीद शामिल है। इसके अलावा, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ‘हर-हित’ रिटेल प्रोजेक्ट के तहत 29 करोड़ रुपये की पूरक पोषण सामग्री की खरीद को मंजूरी दी गई।
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स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘स्टूडेंट एंड फैकल्टी लाइफ साइकिल मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू करने के लिए 5.78 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई, जिससे चिकित्सा शिक्षा में डिजिटल एकीकरण और कार्यक्षमता बढ़ेगी। वहीं जींद के नरवाना क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 15.80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
जल प्रबंधन और शहरी विकास के तहत गुरुग्राम में स्टॉर्म वाटर डायवर्जन परियोजना, मास्टर जल आपूर्ति योजना और बड़े पंपिंग स्टेशन व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। गुरुग्राम में 665.5 एमएलडी क्षमता वाले मुख्य पंपिंग स्टेशन पर 101 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि धनवापुर में 100 एमएलडी एसटीपी और एमपीएस परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अंतर्गत करनाल के हसनपुर में होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस प्रशिक्षण केंद्र, पंचकूला में अटल पार्क का विकास और सेक्टर-32 में विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। औद्योगिक क्षेत्र में पानीपत में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और पंपिंग स्टेशन के निर्माण से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, भिवानी में एकीकृत एक्वा पार्क उत्कृष्टता केंद्र और पलवल में एसटीपी निर्माण जैसी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है, जिससे कृषि और जल प्रबंधन क्षेत्र में सुधार होगा। सिंचाई क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण संरचनाओं के निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।
बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह निर्णय हरियाणा में समग्र विकास को गति देने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति और मजबूत होगी।

