हरियाणा सरकार ने अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपये की, उद्योग जगत ने फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम।
हरियाणा सरकार द्वारा अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि का उद्योग जगत ने व्यापक स्तर पर स्वागत किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 11,275 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दी गई है। इस फैसले को राज्य में श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने और आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
रेवाड़ी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान कृष्ण यादव ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल मजदूर वर्ग के हित में है, बल्कि इससे राज्य की आर्थिक संरचना को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक दूरदर्शी निर्णय लिया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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कृष्ण यादव ने आगे कहा कि मजदूर वर्ग किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। उत्पादन, नवाचार और खपत जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में उनकी भूमिका अत्यंत अहम होती है। ऐसे में उनकी आय में वृद्धि से न केवल उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि इससे बाजार में क्रय शक्ति भी बढ़ेगी, जो अंततः राज्य की समग्र आर्थिक वृद्धि और औद्योगिक उत्पादन को गति देगी।
इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि हरियाणा में श्रमिकों के बीच विश्वास और संतोष का स्तर बढ़ेगा, जिससे कार्यक्षमता और उत्पादकता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। उद्योग जगत का मानना है कि इस प्रकार के प्रगतिशील निर्णय राज्य को स्थायी आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
हरियाणा सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह समाज के हर वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस निर्णय के दूरगामी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे राज्य की औद्योगिक छवि और मजबूत होगी।

