मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 474 करोड़ के हरियाणा AI प्रोग्राम की समीक्षा की, एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग और 100+ स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा।
हरियाणा सरकार राज्य को डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 474 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। यह महत्वाकांक्षी योजना विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट को जनवरी 2026 में भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। यह स्वीकृति इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति के बाद प्रदान की गई है, जबकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जून 2026 तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में HARTRON के प्रबंध निदेशक जे गणेशन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह योजना केवल एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। कार्यक्रम के तहत एक लाख से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित करने और 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल भारतीय एआई मिशन के पांच प्रमुख स्तंभों—स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप सपोर्ट, डेटा और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई एप्लिकेशन और एथिकल गवर्नेंस—पर आधारित है।
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बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विश्व बैंक की टीम ने 6 और 7 अप्रैल को पंचकूला का दौरा कर विभिन्न विभागों के साथ एआई के संभावित उपयोगों पर चर्चा की। विभागों को अपने सुझाव देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद प्राथमिक उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में एआई इनोवेशन सैंडबॉक्स स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जो निवेश से पहले परीक्षण के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान को परखने में मदद करेगा।
हरियाणा सरकार पंचकूला और गुरुग्राम को एआई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। पंचकूला में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के सहयोग से एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी, जो हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग रिसर्च सेंटर के रूप में काम करेगी। वहीं गुरुग्राम में नासकॉम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर बनाया जाएगा, जो स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और उद्योगों के साथ सहयोग को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार भी खुलेंगे, जिससे हरियाणा की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

