हरियाणा में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर 99 शिविरों में 4,251 लोगों की जांच, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से एनसीडी रोगों की पहचान।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रदेश में 99 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें कुल 4,251 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
इन शिविरों में विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल रहे, जिनमें 370 बच्चे, 1,469 पुरुष, 1,564 महिलाएं और 848 बुजुर्ग शामिल थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा 106 हेल्थ टॉक्स, सेमिनार और जन-व्याख्यान भी आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अभियान में 40 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी ने इसे और प्रभावी बनाया।
स्वास्थ्य जांच के दौरान गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) की पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच में 231 लोगों में उच्च रक्तचाप और 165 लोगों में मधुमेह के लक्षण पाए गए, जबकि 326 लोग मोटापे के जोखिम में पाए गए। इसके अलावा 75 लोग क्रॉनिक श्वसन रोगों से प्रभावित मिले और 3 मामलों में कैंसर या प्री-कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन सभी को आवश्यक परामर्श और उपचार की सलाह दी।
जिला स्तर पर कैथल इस अभियान में सबसे सक्रिय रहा, जहां 28 स्वास्थ्य शिविरों में 921 लोगों की जांच की गई। वहीं रोहतक, फरीदाबाद और यमुनानगर जैसे जिलों में भी लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने केवल शिविरों तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से भी लोगों तक संदेश पहुंचाया। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सोशल मीडिया और आशा कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। कई जगहों पर योग सत्रों का आयोजन भी किया गया, जिससे लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया गया।
also read : सोनीपत जेल में कैदियों के लिए नई पहल: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू किया स्किल डेवलपमेंट कोर्स
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष अभियान में ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण को अपनाया गया, जिसमें मानव स्वास्थ्य को पशु, पौधों और पर्यावरण से जोड़कर देखा गया। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ हरियाणा, स्वस्थ भारत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज, संस्थानों और सरकार के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष की वैश्विक थीम “Together for Health, Stand with Science” के अनुरूप गलत स्वास्थ्य जानकारी से लड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना बीमारियों से लड़ना। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करें और स्वास्थ्य से जुड़ी अफवाहों से बचें।
कुल मिलाकर, विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हरियाणा में चलाया गया यह अभियान न केवल लोगों की स्वास्थ्य जांच तक सीमित रहा, बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन के रूप में सामने आया, जिसने समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।

