डीसीआरयूएसटी मुरथल के दीक्षांत समारोह में CM नायब सिंह सैनी ने AI, डिजिटल शिक्षा और रिसर्च के लिए बड़े ऐलान किए।
हरियाणा के मुरथल स्थित दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित 8वें दीक्षांत समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति असीम कुमार घोष की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य वक्ता छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा, शोध और कौशल विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और विद्यार्थियों के जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान को भी सराहा।
अपने संबोधन में नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय महान समाज सुधारक दीनबंधु चौधरी छोटू राम के आदर्शों पर आधारित है, जिन्होंने शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सबसे बड़ा माध्यम बताया था। उन्होंने कहा कि आज यह संस्थान आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ उनके विचारों को आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। राज्य सरकार इस दिशा में AI आधारित कॉलेज स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप शिक्षा दी जा सके।
उन्होंने बताया कि अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ के तहत 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 में 350 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 90 प्रस्तावों को चयनित किया गया है। इसके अलावा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये का एक विशेष कोष भी स्थापित किया जाएगा।
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सरकार की रोजगार नीति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बिना पर्ची-खर्ची के करीब 2 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए निरंतर मेहनत करें और मानसिक, शारीरिक एवं नैतिक रूप से खुद को मजबूत बनाएं।
इस दौरान असीम कुमार घोष और सी.पी. राधाकृष्णन ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

