डीसीआरयूएसटी मुरथल के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण, स्टार्टअप और नवाचार में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
हरियाणा के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित 8वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि नए सपनों, जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से निकलने वाले विद्यार्थी देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं, जो स्टार्टअप, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।
राज्यपाल असीम कुमार घोष ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे व्यवहारिक जीवन में उतारते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना भी होना चाहिए।
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समारोह के दौरान छात्राओं की बढ़ती भागीदारी का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण का मजबूत संकेत बताया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के चलते अब अधिक संख्या में युवतियां उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रही हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
तेजी से बदलते तकनीकी युग का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को स्किल इंडिया मिशन, डिजिटल साक्षरता अभियान और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़ने का भी आह्वान किया, ताकि वे देश के समग्र विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
समारोह के अंत में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने विश्वास जताया कि यहां के छात्र अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

