हरियाणा कैबिनेट ने केंद्रीय मानकों के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे नियामक व्यवस्था मजबूत होगी।
हरियाणा सरकार ने खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) सेवा नियम 2018 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
केंद्रीय मानकों के अनुरूप बदलाव
यह संशोधन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी 2023 को जारी अधिसूचना के बाद आवश्यक हो गया था।
- यह अधिसूचना खाद्य सुरक्षा और मानक नियम, 2011 से संबंधित है
- इसमें प्रमुख पदों के लिए योग्यता और अनुभव के मानदंड अपडेट किए गए थे
हरियाणा ने अब इन्हीं केंद्रीय मानकों के अनुरूप अपने राज्य सेवा नियमों में भी बदलाव कर दिए हैं।
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किन पदों पर होगा असर?
संशोधित नियम विशेष रूप से इन महत्वपूर्ण पदों पर लागू होंगे:
- पदनामित अधिकारी (Designated Officer)
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer)
- खाद्य विश्लेषक (Food Analyst)
👉 इन पदों के लिए अब शैक्षिक योग्यता और अनुभव की नई शर्तें लागू होंगी।
क्यों जरूरी था यह संशोधन?
सरकार का उद्देश्य है:
- राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता सुनिश्चित करना
- आधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता वाले कर्मियों की नियुक्ति
- खाद्य और दवा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना करना
विभाग की कार्यप्रणाली होगी मजबूत
इस फैसले से:
- भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी
- विभाग की दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ेगी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों की निगरानी बेहतर होगी
FDA विभाग की भूमिका
हरियाणा का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग:
- वर्ष 2011 में स्वास्थ्य विभाग से अलग स्वतंत्र इकाई बना
- पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण का जिम्मेदार
- विभाग का नेतृत्व खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त करते हैं
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा सकारात्मक असर
इस संशोधन के बाद:
- खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी
- नकली और मिलावटी दवाओं पर सख्ती
- उपभोक्ताओं की सुरक्षा में सुधार
हरियाणा सरकार का यह निर्णय खाद्य सुरक्षा, दवा नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

