पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने वैश्विक असर की चेतावनी देते हुए भारत को सतर्क, एकजुट और तैयार रहने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर देश और दुनिया को सावधान करते हुए कहा है कि इसका प्रभाव लंबे समय तक वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा सकता है। उन्होंने भारत के नागरिकों से सतर्क, एकजुट और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
वैश्विक प्रभाव को लेकर दी चेतावनी
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कूटनीति और संवाद पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने हमेशा शांति और संवाद को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र के विभिन्न नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष समाप्त करने की अपील भी की।
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होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापार पर असर
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार अपने जहाजों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के भीतर भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि:
- तटीय और सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जाए
- साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए
- महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
साथ ही, उन्होंने फेक न्यूज और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में गलत सूचना माहौल बिगाड़ सकती है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भारत की तैयारियां और संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि एकजुटता, संयम और धैर्य के साथ भारत इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा।
👉 कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश साफ है कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में भारत को सजग, संगठित और मजबूत रहना होगा, ताकि किसी भी संकट का प्रभाव न्यूनतम किया जा सके।

