हरियाणा सरकार ने एचसीएस अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APR/PAR) को 2025–26 से इंट्रानेट पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APR/PAR) को ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार वर्ष 2025–26 से एचसीएस अधिकारियों की पीएआर राज्य के इंट्रानेट पोर्टल http://intrahry.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इस रिपोर्ट को 31 दिसंबर 2026 तक अंतिम रूप देना अनिवार्य होगा।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्ड और निगमों के प्रमुखों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
एचआरएमएस पोर्टल से होगा लॉगिन
पत्र के अनुसार अधिकारी एचआरएमएस पोर्टल पर उपलब्ध अपने पेयी कोड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे। सत्यापन के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या स्कैन किए गए हस्ताक्षर अपलोड कर भी प्रमाणीकरण किया जा सकेगा।
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तय की गई समय-सीमा
सरकार ने पीएआर प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर समय सीमा तय की है:
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31 मई तक: अधिकारी अपना स्व-मूल्यांकन प्रस्तुत करेंगे
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31 जुलाई तक: रिपोर्टिंग प्राधिकारी मूल्यांकन पूरा करेंगे
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30 सितंबर तक: रिव्यूइंग प्राधिकारी समीक्षा करेंगे
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31 दिसंबर 2026 तक: स्वीकार करने वाले प्राधिकारी रिपोर्ट को अंतिम रूप देंगे
स्वास्थ्य जांच भी अनिवार्य
सरकार ने 40 वर्ष से अधिक आयु के एचसीएस अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी है। अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन के साथ मेडिकल रिपोर्ट का सारांश भी अपलोड करना होगा।
1 से 10 के पैमाने पर होगी ग्रेडिंग
कार्य निष्पादन का मूल्यांकन 1 से 10 के पैमाने पर संख्यात्मक ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसमें कार्य निष्पादन, व्यक्तिगत गुण और कार्यात्मक दक्षताओं को शामिल किया जाएगा।
नई ऑनलाइन प्रणाली में यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित प्राधिकारी द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है, तो रिपोर्ट स्वतः अगले स्तर पर अग्रेषित हो जाएगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनेगी।

