रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका द्वारा 30 दिन की छूट और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारत की संप्रभुता और स्वतंत्र आर्थिक नीति की बात कही।
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका द्वारा भारत को दी गई 30 दिन की छूट के मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है और उसे अपने व्यापारिक या ऊर्जा संबंधी फैसले किसी अन्य देश की अनुमति से लेने की आवश्यकता नहीं है।
संधवां ने कहा कि भारत किस देश से क्या खरीदेगा और किसके साथ व्यापार करेगा, यह निर्णय पूरी तरह से भारत के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। किसी भी अन्य देश द्वारा ऐसी समय-सीमा तय करना भारत जैसे स्वतंत्र देश के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीद को लेकर 30 दिन की सीमा की घोषणा किए जाने के बावजूद भारत के प्रधानमंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। उनके अनुसार, एक संप्रभु राष्ट्र के नागरिकों के लिए यह देखना पीड़ादायक है कि आर्थिक निर्णयों पर बाहरी दबाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
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संधवां ने कहा कि भारत ऐसा देश नहीं है जिसे अन्य देशों द्वारा तय की गई समय-सीमाओं के अनुसार अपने फैसले लेने पड़ें। भारत की आर्थिक और रणनीतिक नीतियां पूरी तरह स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार की चुप्पी के पीछे उन बड़ी कंपनियों के हित हैं जिनके सत्तारूढ़ व्यवस्था से करीबी संबंध हैं और जिनका अमेरिका में बड़ा व्यापारिक नेटवर्क है। उनके अनुसार, किसी भी कॉर्पोरेट समूह के व्यापारिक हितों से ऊपर हमेशा देश का राष्ट्रीय हित होना चाहिए।
अंत में संधवां ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि देश के हित को सर्वोपरि रखते हुए स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसकी नीतियों में आत्मविश्वास, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय संप्रभुता का स्पष्ट प्रतिबिंब होना चाहिए।

