कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत आज आयोजित संत सम्मेलन में देशभर के प्रमुख संत, धार्मिक विद्वान और आध्यात्मिक नेताओं ने एक मंच पर संगठित होकर गीता के सार्वभौमिक संदेश पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन देखा।
सम्मेलन में संतों ने गीता को मानव जीवन का पथप्रदर्शक बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ धर्म, सत्य, कर्तव्य और आत्मज्ञान की शिक्षा देता है। उन्होंने संदेश दिया कि गीता के उपदेश आज भी समाज को शांति, सद्भाव और संतुलन प्रदान करने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों और मठों के प्रतिष्ठित संतों ने वक्तव्य देते हुए कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है जो प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है।
संत सम्मेलन के दौरान आध्यात्मिक संगोष्ठी, भजन-कीर्तन और गीता पर आधारित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी किया गया। सम्मेलन में उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों ने संतों के उपदेशों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह सम्मेलन महोत्सव की प्रमुख आकर्षणों में से एक माना जाता है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रत्यक्ष संदेश विश्वभर तक पहुँचाता है।
LIVE: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संत सम्मेलन https://t.co/LIaBzLpewp
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 29, 2025

