Income Tax Collections: अब तक, एसटीटी के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में टैक्स कलेक्शन 65% बढ़ा है। ये कलेक्शन शेयर बाजार में अधिक लोगों की भागीदारी का संकेत है।
Income Tax Collections: डायरेक्ट कर संकलन: टैक्सों की सीधी वसूली से सरकार का खजाना भरता जा रहा है। नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन, वित्त वर्ष 2024-25 में 10 फरवरी तक 17.78 लाख करोड़ रुपये था, जो 14.69% बढ़ा। डायरेक्ट टैक्स वसूलने की जानकारी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने दी है। सीबीडीटी के डेटा के अनुसार, इस अवधि में पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन 9.84 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो 21 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि कॉरपरेट टैक्स कलेक्शन 7.78 लाख करोड़ रुपये रहा है।
सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 10 फरवरी तक ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 21,88,508 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें कॉरपरेट टैक्स 10,08,207 करोड़ रुपये रहा है, जबकि नॉन-कॉरपोरेट टैक्स, जैसे पर्सनल इनकम टैक्स, 11.28 लाख करोड़ रुपये और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन उस अवधि में 4.10 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है, जिसमें 42.63% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद नेट कलेक्शन 17.78 मिलियन है।
ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स जमा 2023-24 में 18.38 लाख करोड़ रुपये था। जिसमें कॉरपरेट टैक्स से 8.74 लाख करोड़ रुपये और पर्सनल इनकम टैक्स से 9.30 लाख करोड़ रुपये वसूले गए थे। सरकार ने पिछले वर्ष शेयर बाजार में 29,808 करोड़ रुपये कमाये थे, जो 10 फरवरी तक 49,201 करोड़ रुपये हो गया है। नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वर्ष 15.51 लाख करोड़ रुपये था। हाल ही में सरकार ने यानी शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर टैक्स लगाकर 20,000 करोड़ रुपये की एडिशनल कमाई की है। अब तक, एसटीटी के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में टैक्स कलेक्शन 65% बढ़ा है। ये कलेक्शन शेयर बाजार में अधिक लोगों की भागीदारी का संकेत है।
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमान में इनकम टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य 12.57 लाख करोड़ रुपये रखने का अनुमान लगाया है, जो बजट अनुमान 11.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
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