Yes Bank ने कहा कि वर्ष 2019-20 के लिए 2021 में 30 सितंबर को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 144 के तहत एक आदेश मिला था।
Yes Bank ने शनिवार को घोषणा की कि उसे 2019-20 साल का 2209 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है। बैंक ने एक आधिकारिक घोषणा में कहा कि उसे आयकर विभाग से धारा 156 के तहत ये नोटिस मिला है, जो टैक्स देनदारी की मांग करता है।
Yes Bank ने कहा कि आयकर विभाग की इस सूचना के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगे। बैंक ने कहा कि वे इस टैक्स नोटिस को देख रहे हैं और कानूनी और नियामक आवश्यकताओं के अनुसार उचित कार्रवाई करने की सलाह दे रहे हैं।
Yes Bank ने कहा कि इस नोटिस से उसके फाइनेंशियल, ऑपरेशंस या किसी अन्य गतिविधियों पर कोई बुरा असर नहीं होगा। यस बैंक का कहना है कि पूरे मामले में उसके पास अपनी स्थिति को साबित करने का पर्याप्त आधार है।
Yes Bank ने कहा कि वर्ष 2019-20 के लिए 2021 में 30 सितंबर को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 144 के तहत एक आदेश मिला था। जिसमें बैंक को पहले दाखिल इनकम टैक्स रिटर्न में मांगे गए रिफंड के अनुरूप रिफंड दिया गया था। यह एसेमेंट वर्ष अप्रैल 2023 में आयकर विभाग द्वारा फिर से शुरू किया गया था।
Yes Bank ने एक और बयान जारी किया कि आयकर विभाग की फेसलेस यूनिट ने 28 मार्च 2025 को री-एसेसमेंट ऑर्डर जारी किया, जिसमें कोई एडिशंस नहीं थे। ऐसे में बैंक को आयकर विभाग से कोई भुगतान नहीं मिलता है।
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