हरियाणा सरकार ने ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार किया, 2030, 2036 और 2047 के लक्ष्यों के साथ विकास की नई रणनीति तय।
देश को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में राज्य में ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार किया गया है, जो आने वाले वर्षों में विकास की दिशा और रणनीति तय करेगा। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rao Narbir Singh ने इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह दस्तावेज राज्य के समग्र और संतुलित विकास का रोडमैप तैयार करेगा।
मंत्री ने कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट के तहत सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्ष 2030, 2036 और 2047 को लक्ष्य बनाकर अपनी-अपनी कार्य योजनाएं तैयार करें। इन योजनाओं में विभागीय प्राथमिकताओं, संसाधनों, चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक रणनीति बनाई जाएगी।
Rao Narbir Singh ने बताया कि ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज केवल एक योजना नहीं, बल्कि राज्य को आर्थिक, औद्योगिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का व्यापक दृष्टिकोण है। इसका उद्देश्य हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है।
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उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, आधुनिक तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा देकर राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यदि हर विभाग तय लक्ष्यों के अनुसार कार्य करेगा, तो हरियाणा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकेगा। इसके लिए विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का दीर्घकालिक विजन दस्तावेज राज्य के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
हरियाणा सरकार की यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विजन किस तरह जमीनी स्तर पर लागू होता है और राज्य को किस दिशा में आगे ले जाता है।

