तमिलनाडु चुनाव से पहले विजय ने रैली में बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया, निजी जीवन और तलाक की खबरों ने बढ़ाई हलचल।
तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है, जहां अभिनेता से नेता बने थलपति विजय एक साथ अपनी राजनीतिक सक्रियता और निजी जीवन को लेकर सुर्खियों में हैं। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विजय ने एक सार्वजनिक रैली के दौरान बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, खासतौर पर चुनाव के करीब आते समय। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतर रही है, जिसके चलते राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। रैली के दौरान विजय ने कहा कि “मेरे आसपास के लोगों ने वर्षों तक इंतजार किया और चुनाव से ठीक पहले मुझे बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हुए।” उनके इस बयान को कई लोगों ने उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के साथ चल रहे तलाक विवाद से जोड़कर देखा।
हाल ही में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि संगीता सोर्नालिंगम ने विजय के खिलाफ तलाक की प्रक्रिया शुरू की है और उन पर बेवफाई जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन के रिश्ते को लेकर भी अटकलें तेज हो गईं। खासकर तब, जब दोनों को चेन्नई में एक शादी समारोह में साथ देखा गया, जिसके बाद तृषा को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
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विजय ने अपने भाषण में बिना किसी का नाम लिए यह भी कहा कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, उन्हें जनता से कोई अलग नहीं कर सकता। उनके इस बयान को उनके समर्थकों ने जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा, जबकि आलोचकों ने इसे उनके निजी विवादों से जोड़कर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
राजनीतिक मोर्चे पर भी विजय ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए सरकार को “कैश बॉक्स गठबंधन” बताया और आरोप लगाया कि यह गठबंधन भ्रष्टाचार के पैसों पर खड़ा है। उन्होंने मौजूदा सरकार को “केयरटेकर सरकार” करार देते हुए कहा कि यह चुनाव उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक आंदोलन है।
विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के बयान और विवाद तमिलनाडु की राजनीति को और अधिक गरमा सकते हैं। विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरें, दोनों ही चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन विवादों का चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ता है और जनता किसे अपना समर्थन देती है।

