हरियाणा में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान, 2026 में 90 आरोपी गिरफ्तार और 32 करोड़ से अधिक की वसूली।
हरियाणा में बिजली चोरी के खिलाफ राज्य प्रवर्तन एजेंसियों ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाया है। हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क के निर्देश पर आदतन बिजली चोरों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब बार-बार बिजली चोरी करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धारा 135 आईईसी एक्ट 2003 के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है और ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा चुकी है। विभिन्न जिलों में कुल 397 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। इनमें हिसार, जींद, गुरुग्राम और फतेहाबाद जैसे जिलों में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इसके अलावा हाल ही में रेवाड़ी जिले में एक आदतन आरोपी को बार-बार नोटिस देने के बावजूद जुर्माना जमा न करने पर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जो इस अभियान की सख्ती को दर्शाता है।
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राज्य में बिजली चोरी के खिलाफ इस कार्रवाई का असर राजस्व वसूली में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही 32.28 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और भिवानी जैसे जिलों में सबसे अधिक राजस्व एकत्रित हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सख्त कार्रवाई से न केवल अपराध पर अंकुश लगा है, बल्कि सरकारी आय में भी वृद्धि हुई है।
इस अभियान के तहत पुलिस और प्रवर्तन अधिकारियों की भूमिका को भी सराहा गया है। कई जिलों के थाना प्रबंधकों और जांच अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी के मामलों में तेजी से जांच पूरी की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्य के लिए टीमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से समाज में कानून के प्रति जागरूकता और भय दोनों उत्पन्न होते हैं।
हरियाणा सरकार की इस सख्त नीति का उद्देश्य राज्य में बिजली चोरी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में यह अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके और ऊर्जा संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

