डॉ. सुमिता मिश्रा ने बरवाला मंडी का निरीक्षण कर गेहूं खरीद, उठान और 72 घंटे में किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में रबी सीजन 2026–27 के दौरान गेहूं खरीद व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डॉ. सुमिता मिश्रा ने बरवाला अनाज मंडी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में चल रही खरीद, उठान (लिफ्टिंग) प्रक्रिया और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में किसानों को भुगतान में देरी न हो और 72 घंटे के भीतर राशि उनके बैंक खातों में पहुंच जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी की व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया। गेट पास सिस्टम और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया की जांच करते हुए उन्होंने पाया कि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने गेहूं की बोरियों का वजन भी क्रॉस चेक किया, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने गेहूं की आवक, खरीद और उठान की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर मौजूद किसानों व आढ़तियों से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी लिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि अब तक बरवाला मंडी में लगभग 1.56 लाख क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 1.27 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है और करीब 46,700 क्विंटल गेहूं का उठान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संतोषजनक है, लेकिन इसे और तेज करने की आवश्यकता है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने विशेष रूप से खरीद एजेंसियों जैसे हैफेड (HAFED) और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (HSWC) को निर्देश दिए कि वे उठान प्रक्रिया में तेजी लाएं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह तक उठान 80 प्रतिशत से अधिक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी में कई स्थानों पर बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं और गेट पास जारी करने के लिए मोबाइल प्वाइंट भी बनाए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ कम हो और प्रक्रिया तेज हो सके।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने ‘अटल कैंटीन’ का भी दौरा किया, जहां मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ. मिश्रा ने आम नागरिक की तरह वहां भोजन कर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया और स्वयं भुगतान भी किया। उन्होंने कैंटीन संचालकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सुविधाएं किसानों और मजदूरों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और इन्हें निरंतर बनाए रखना जरूरी है।
मंडी निरीक्षण के बाद डॉ. सुमिता मिश्रा ने बरवाला के गांव बतौर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए मरीजों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। डॉक्टरों की उपस्थिति रजिस्टर, ओपीडी व्यवस्था और दवाओं के स्टॉक की जांच करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आवश्यक दवा की कमी नहीं होनी चाहिए।
इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि मरीजों के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाया जाए, जिससे उन्हें अस्पताल में आने-जाने में सुविधा हो। इसके साथ ही उन्होंने जनरल ओपीडी, आयुर्वेदिक ओपीडी, नर्सिंग स्टेशन, लेबर रूम और डेंटल ओपीडी का भी निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक सख्ती और जमीनी सुधार का स्पष्ट संकेत भी रहा। डॉ. सुमिता मिश्रा ने साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों और आम जनता को बेहतर सुविधाएं देना है, और इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

