भारत में स्मार्टफोन की कीमतें 15-30% तक बढ़ीं, युद्ध, कमजोर रुपये और महंगे चिपसेट इसका बड़ा कारण बने।
भारत में स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में मोबाइल हैंडसेट्स की कीमतों में 15 से 30 प्रतिशत तक का बड़ा उछाल देखा गया है, जिसने आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डाला है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कमजोर होता रुपया, बढ़ती चिपसेट लागत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी ऊर्जा कीमतें शामिल हैं।
दरअसल, भारत में ज्यादातर स्मार्टफोन की असेंबलिंग भले ही देश में होती हो, लेकिन उनके महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स जैसे प्रोसेसर, मेमोरी चिप और अन्य हार्डवेयर पार्ट्स विदेशों से आयात किए जाते हैं। ऐसे में जैसे ही रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती है, इन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर मोबाइल की कीमत पर पड़ता है। टेलीकॉम विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में यही सबसे बड़ा कारण है, जिसकी वजह से कंपनियों को कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने भी टेक इंडस्ट्री पर अप्रत्यक्ष दबाव डाला है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संसाधनों जैसे LNG और हीलियम की कीमतों में तेजी आई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ गई है। इस लागत का असर अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। यही वजह है कि अब नए स्मार्टफोन मॉडल पहले की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक महंगे लॉन्च हो रहे हैं।
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अगर कुछ लोकप्रिय मॉडल्स की कीमतों पर नजर डालें, तो अंतर साफ दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर Vivo Y31, Realme C85 और Xiaomi Redmi 15 जैसे बजट स्मार्टफोन्स की कीमतों में हजारों रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं Samsung Galaxy A17 और Oppo A6x जैसे मिड-रेंज डिवाइसेज भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। खासकर 15,000 रुपये तक के सेगमेंट में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है, जो आम यूजर्स के बीच सबसे लोकप्रिय माना जाता है।
इस बढ़ती कीमत का असर सिर्फ खरीदारी पर ही नहीं, बल्कि पूरे मार्केट पर भी दिखाई देने लगा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में पहली बार मोबाइल फोन की बिक्री में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाली तिमाही में बिक्री में 10 प्रतिशत तक की और गिरावट देखी जा सकती है।
कुल मिलाकर, स्मार्टफोन इंडस्ट्री इस समय एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, जहां वैश्विक आर्थिक हालात, सप्लाई चेन की दिक्कतें और मुद्रा विनिमय दरें मिलकर कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में अगर आप नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो बजट और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सही समय और सही डील का इंतजार करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

