शालीमार बाग में 40-50 साल पुराने घरों पर कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ा। AAP नेता आतिशी ने BJP सरकार पर सवाल उठाते हुए बिना पुनर्वास गरीब परिवारों को उजाड़ने का आरोप लगाया।
शालीमार बाग क्षेत्र में पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के घरों पर हो रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास कई मामलों में वैध दस्तावेज और सेल डीड तक मौजूद है, इसके बावजूद उनके घरों को हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
आतिशी ने BJP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार बिना उचित पुनर्वास के लंबे समय से बसे हुए गरीब परिवारों को उजाड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केवल सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उठाया जा रहा है, जबकि इसके पीछे जमीन के उपयोग को लेकर अन्य हित भी हो सकते हैं।
also read: अरविंद केजरीवाल ने रूस-ईरान से सस्ता तेल आयात करने की मांग की, ईंधन…
स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं और उनके पास संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी हैं। इसके बावजूद अचानक कार्रवाई से उनके घरों को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे कई परिवार बेघर होने की कगार पर हैं।
शालीमार बाग में 40-50 साल से रह रहे गरीब परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं। कई लोगों के पास सेल डीड तक है। सवाल है — BJP सरकार सड़क चौड़ीकरण कर रही है या ज़मीन बिल्डरों को देने की तैयारी? pic.twitter.com/epMCP9O4Xf
— Atishi (@AtishiAAP) May 25, 2026
विकास बनाम विस्थापन पर बहस तेज
इस मामले ने विकास कार्यों और विस्थापन को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है, तो पहले पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी का जीवन प्रभावित न हो।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। AAP नेताओं ने मांग की है कि कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी समाधान निकाला जाए।

