AAP सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर निशाना साधा, ‘ऑपरेशन पीटस’ की चेतावनी दी और दल-बदल को बताया असंवैधानिक।
देश की राजनीति में ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर जारी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय सिंह ने न केवल बीजेपी की रणनीति को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया, बल्कि इसके जवाब में ‘ऑपरेशन पीटस’ चलाने का भी ऐलान कर दिया।
संजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे सिद्धांतों की राजनीति करते हैं और किसी भी कीमत पर बीजेपी में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस दिन वे बीजेपी में जाएंगे, उस दिन जनता और उनके अपने कार्यकर्ता उनके चेहरे पर कालिख पोत दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि देश का हर नेता बिकाऊ नहीं होता और कुछ लोग अब भी विचारधारा के लिए राजनीति करते हैं।
‘ऑपरेशन लोटस’ के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं और सांसदों पर दबाव बना रही है, ताकि उन्हें अपनी पार्टी में शामिल किया जा सके। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से जनता का विश्वास कमजोर होता है।
पंजाब का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी वहां ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने की कोशिश करेगी, तो आम आदमी पार्टी ‘ऑपरेशन पीटस’ के जरिए उसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक इस तरह की साजिशों का डटकर सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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हाल ही में AAP के कई राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने इसे असंवैधानिक और अवैध करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यसभा सभापति को पत्र भी लिखा गया है, जिसमें इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का फोकस उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों पर है, जबकि पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम आने के बाद जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय सिंह का यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, जिसके जरिए वे बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां दल-बदल, केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘ऑपरेशन लोटस’ बनाम ‘ऑपरेशन पीटस’ की यह सियासी जंग किस दिशा में आगे बढ़ती है।

