हिसार में अंबेडकर जयंती समारोह के दौरान रणबीर गंगवा ने शिक्षा को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए युवाओं को पुस्तकों से जुड़ने का संदेश दिया।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर हिसार जिले के गांव बालक में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने युवाओं को शिक्षा के महत्व का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा और निरंतर अध्ययन सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और ज्ञान के प्रति समर्पण से कोई भी व्यक्ति बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।
गांव बालक स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर रणबीर गंगवा ने बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने केवल शिक्षा हासिल नहीं की, बल्कि ज्ञान के बल पर समाज के वंचित और दबे-कुचले वर्गों को सशक्त बनाने का कार्य किया, जिससे देश में सामाजिक न्याय की नींव मजबूत हुई।
अपने संबोधन में गंगवा ने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाएं और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को संवारें। उन्होंने बाबा साहेब के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” को दोहराते हुए कहा कि यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था। इसी दिशा में उन्होंने गांव के पुस्तकालय के लिए 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।
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उन्होंने बताया कि सरकार बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा “संत महापुरुष विचार प्रसार योजना” के जरिए महान विभूतियों के विचारों को समाज तक पहुंचाया जा रहा है।
रणबीर गंगवा ने कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना जैसी विशेष पहल भी लागू की गई हैं, जिससे समाज में समान अवसर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार “अंत्योदय” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। यह कार्यक्रम न केवल बाबा साहेब के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को शिक्षा और ज्ञान के प्रति प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।

