दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव की सजा पर रोक बरकरार रखते हुए कहा कि उन्हें जेल भेजने की जरूरत नहीं है।
चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को फिलहाल राहत मिल गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर पहले से दी गई रोक को बरकरार रखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने से इनकार कर दिया है।
कोर्ट ने क्यों दी राहत
न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने स्पष्ट कहा कि इस समय अभिनेता को जेल भेजने का कोई कारण नहीं है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राजपाल यादव फरार नहीं हैं और न ही कहीं जाने की कोशिश कर रहे हैं।
मीडिया ट्रायल पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने मामले को मीडिया ट्रायल बनाने का आरोप लगाया। इस पर अदालत ने साफ कहा कि मीडिया में क्या हो रहा है, इससे कोर्ट को कोई फर्क नहीं पड़ता और वह केवल तथ्यों के आधार पर निर्णय लेती है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनेता होने के कारण राजपाल यादव को कोई विशेष प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और उन्हें एक सामान्य याचिकाकर्ता की तरह ही सुना जा रहा है।
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अगली सुनवाई की तारीख
मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी, जहां अदालत इस केस को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि राजपाल यादव समझौता करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट भुगतान प्रस्ताव देना होगा।
क्या है पूरा मामला
यह मामला मई 2024 का है, जब एक सेशन कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी।
बाद में हाईकोर्ट ने 16 फरवरी को उनकी सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन इससे पहले वह 5 फरवरी से जेल में थे।
भुगतान में चूक बनी परेशानी
अभिनेता ने करीब 2.5 करोड़ रुपये चुकाने का वादा किया था, जिसमें:
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40 लाख रुपये दिसंबर 2025 तक
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2.1 करोड़ रुपये जनवरी 2026 तक देने थे
लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं होने के कारण अदालत ने पहले उनकी दलील खारिज कर दी थी और उन्हें सरेंडर करने के निर्देश दिए थे।
निष्कर्ष
फिलहाल राजपाल यादव को राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाली सुनवाई में उनके भुगतान और समझौते पर कोर्ट का अंतिम फैसला अहम रहेगा।

