राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ₹21.27 करोड़ के मामलों पर आपत्तियां निपटीं। जानें डूंगरपुर और जालौर के किसानों को मिली राहत।
राजस्थान के किसानों के लिए फसल बीमा से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को लेकर राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति (SGRC) की बैठक में विभिन्न जिलों से जुड़े फसल बीमा मामलों पर विचार किया गया। इस दौरान बीमा कंपनियों की ओर से दर्ज आपत्तियों का निस्तारण करते हुए किसानों के हित में करीब 21.27 करोड़ रुपये के प्रकरणों का समाधान किया गया।
जयपुर स्थित पंत कृषि भवन में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। इसमें फसल कटाई प्रयोगों, बीमित क्षेत्र और वास्तविक बोए गए क्षेत्र से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उपलब्ध रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण किया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को आर्थिक सुरक्षा
बैठक में प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों और बीमा कंपनियों की आपत्तियों का निस्तारण पारदर्शिता के साथ किया जाए। प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, संबंधित तथ्यों और योजना के दिशा-निर्देशों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को बीमा योजना का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। किसानों के हितों की रक्षा करते हुए शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करना विभाग की प्राथमिकता है।
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डूंगरपुर के किसानों को 7.69 करोड़ रुपये के मामलों में राहत
बैठक में डूंगरपुर जिले के खरीफ सीजन 2025 से जुड़े फसल बीमा मामलों की समीक्षा की गई। यहां बीमा कंपनी ने 155 फसल कटाई प्रयोगों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं।
समिति ने इन आपत्तियों का निस्तारण किया, जिससे किसानों को लगभग 7.69 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ। यह निर्णय फसल कटाई प्रयोगों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के आधार पर लिया गया।
फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़े फसल की उत्पादकता निर्धारित करने और बीमा दावों के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मामलों का समय पर समाधान होने से पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने में मदद मिलती है।
जालौर में सरसों की फसल के लिए 1.22 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम स्वीकृत
जालौर जिले में रबी सीजन 2023-24 के दौरान सरसों की फसल से जुड़े बीमा मामलों पर भी निर्णय लिया गया। पटवार मंडल चवरडा में फसल कटाई प्रयोगों को लेकर बीमा कंपनी की ओर से दर्ज आपत्तियों की समीक्षा के बाद उनका निस्तारण किया गया।
इस प्रक्रिया के बाद किसानों के लिए करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये का फसल बीमा क्लेम स्वीकृत किया गया। इससे संबंधित पात्र किसानों को बीमा योजना के तहत राहत मिलने की उम्मीद है।
जालौर के 13 पटवार मंडलों के मामलों का समाधान
बैठक में जालौर जिले के खरीफ सीजन 2024 से संबंधित बीमित क्षेत्र के मामलों पर भी विचार किया गया। कुल 13 पटवार मंडलों में गिरदावरी रिपोर्ट के अनुसार दर्ज फसल क्षेत्र और वास्तविक बोए गए क्षेत्र के बीच अंतर को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं।
समिति ने उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद इन मामलों का निस्तारण किया। इससे जुड़े लगभग 12.36 करोड़ रुपये के प्रकरणों का समाधान किया गया और किसानों को योजना का लाभ देने की दिशा में कार्रवाई की गई।
बीमित क्षेत्र और वास्तविक बोए गए क्षेत्र से संबंधित रिकॉर्ड का सही मिलान फसल बीमा दावों के निर्धारण में महत्वपूर्ण होता है। इस तरह की शिकायतों का समाधान होने से पात्र किसानों के दावों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कृषि विभाग, बीमा कंपनियों और संबंधित वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बीमा मामलों में दस्तावेजों और तथ्यों की उचित जांच की गई है, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक में आयुक्त उद्यानिकी सोहन लाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि आदान दानवीर सिंह, राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति के सदस्य, संबंधित विभागों के अधिकारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
किसानों के लिए क्या है इस फैसले का महत्व?
राजस्थान में फसल बीमा से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों पर निर्णय लेने और पात्र किसानों तक बीमा राशि पहुंचाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और फसल नुकसान जैसी परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसलिए बीमा दावों की पारदर्शी जांच और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है।

