खंडवा के जलकुआं गांव में कृषि नमामि आजीविका FPO से जुड़ी महिलाएं अश्वगंधा, शतावरी और अन्य औषधीय फसलों की खेती कर आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि नमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। पंधाना विकासखंड के ग्राम जलकुआं में संचालित यह कंपनी महिलाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर औषधीय और व्यावसायिक फसलों के उत्पादन से जोड़ रही है। इस पहल के जरिए महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
औषधीय फसलों की खेती से खुल रहे आय के नए रास्ते
कृषि नमामि आजीविका FPO से जुड़ी महिलाएं अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली, तुलसी, कुसुम, कौंच बीज और मोरिंगा जैसी विभिन्न औषधीय फसलों की खेती कर रही हैं। इसके अलावा महिलाएं नीम के बीज और बहेड़ा जैसी वन उपज के संग्रहण में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
इस समूह की खास पहचान सिंदूर की सामूहिक खेती भी है। विभिन्न कृषि गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, खेती और वन उपज से जुड़े कार्यों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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महिला नेतृत्व में आगे बढ़ रहा कृषि व्यवसाय
ग्राम जलकुआं में महिलाओं की भागीदारी से संचालित यह FPO सामूहिक उद्यमिता का उदाहरण बन रहा है। कंपनी की संचालक कला बामने, सुनीता पवार, पुष्पा कोंगे, पूजा पटेल और कल्पना कोचले के नेतृत्व में महिलाओं को कृषि आधारित व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है।
वहीं, कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सुनील पंडोले के मार्गदर्शन में उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को खेती के साथ-साथ कृषि उत्पादों के व्यावसायिक प्रबंधन में भी भागीदारी का अवसर देना है।
लखपति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रहीं महिलाएं
कृषि नमामि आजीविका FPO की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। सामूहिक खेती और वन उपज के संग्रहण से महिलाओं के लिए आय के नए विकल्प तैयार हो रहे हैं। यह प्रयास महिलाओं को लखपति दीदी बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज परियोजना से मिलेगा प्रोत्साहन
औषधीय पौधों के उत्पादन, प्रसंस्करण और संग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज परियोजना शुरू करने की पहल को कंपनी से जुड़े सदस्यों ने महत्वपूर्ण कदम बताया है। कृषिनमामि के संचालक मंडल, CEO सुनील पंडोले और सदस्य महिलाओं ने इस परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कृषि नमामि आजीविका FPO का यह प्रयास दर्शाता है कि सामूहिक खेती, औषधीय फसलों के उत्पादन और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

