पंजाब की ‘सिखिया क्रांति’ से सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, 882 छात्रों ने NEET क्वालिफाई किया। AI शिक्षा और मिशन समर्थ से करीब 12 लाख छात्र लाभान्वित।
पंजाब की भगवंत मान सरकार की ‘सिखिया क्रांति’ के तहत सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का दावा किया गया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार के प्रयासों से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के सीखने के माहौल में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
हरजोत सिंह बैंस के मुताबिक, साल 2022 में पंजाब के सरकारी स्कूलों में करीब 4 लाख बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे। अब तस्वीर में बदलाव आया है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों से 882 विद्यार्थियों ने NEET क्वालिफाई किया है।
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सरकारी स्कूलों में AI बना पढ़ाई का हिस्सा
शिक्षा मंत्री के अनुसार, पंजाब के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए Artificial Intelligence (AI) को मुख्य विषय के तौर पर शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना और उन्हें डिजिटल दौर के अनुरूप शिक्षा देना है।
इसके साथ ही स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। नए और बेहतर शिक्षण माहौल के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
करीब 12 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचा मिशन समर्थ
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार का Mission Samrath भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है। इस मिशन से करीब 12 लाख छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
मिशन का फोकस बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और रोजमर्रा की जिंदगी में जरूरी कौशल विकसित करने पर है। सरकार का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर विद्यार्थियों की सीखने की नींव मजबूत करना बताया गया है।
Mann Government’s Sikhya Kranti has transformed Punjab’s government schools.
Punjab Education Minister @harjotbains highlighted the remarkable turnaround in government school education, saying Punjab has gone from 4 lakh students sitting on floors in 2022 to producing 882 NEET… pic.twitter.com/kqfjKTPABR
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 7, 2026
सरकारी स्कूलों में बढ़ा दाखिला
शिक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में बढ़ोतरी हुई है। इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में लोगों के बढ़ते भरोसे से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का लक्ष्य सिर्फ स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
शिक्षा क्रांति के जरिए बदलने की कोशिश
हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, पंजाब सरकार की शिक्षा नीति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ‘सिखिया क्रांति’ के जरिए सरकारी स्कूलों को ऐसा मंच बनाने पर जोर दे रही है, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जा सके।
सरकारी स्कूलों में NEET जैसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उपलब्धि, AI की पढ़ाई और Mission Samrath जैसे कार्यक्रमों को पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव के प्रमुख उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है।

