सीएम भगवंत मान के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब का राइट टू बिजनेस एक्ट अपनाया है, जिससे पंजाब के उद्योग-हितैषी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
पंजाब की उद्योग-हितैषी नीतियों को लेकर सरकार ने बड़ा दावा किया है कि राज्य का सुधार मॉडल अब अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े बयान के अनुसार, चंडीगढ़ प्रशासन (UT) ने पंजाब सरकार के “राइट टू बिजनेस एक्ट” को अपनाने का निर्णय लिया है, जिसे पंजाब के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
also read: चंगालीवाला में AAP को बड़ा समर्थन, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नए सदस्यों…
व्यापारियों को समयबद्ध मंजूरी और “इंस्पेक्टर राज” से राहत
“पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट” का उद्देश्य व्यापारियों और उद्योगपतियों को समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक मंजूरियाँ उपलब्ध कराना है। इस कानून के तहत निवेशकों को कानूनी सुरक्षा भी दी जाती है ताकि उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक देरी का सामना न करना पड़े।
सरकार का दावा है कि यह नीति “इंस्पेक्टर राज” को कम करने और व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने में मदद करती है, जिससे उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है।
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਉਦਯੋਗ ਪੱਖੀ ਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਮਾਨਤਾ.. ਇਹ ਸਾਡੇ ਸਾਰਿਆਂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਮਾਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ (UT) ਨੇ ‘ਤੁਹਾਡੀ ਸਰਕਾਰ’ ਦੇ ‘ਪੰਜਾਬ ਰਾਈਟ ਟੂ ਬਿਜ਼ਨਸ ਐਕਟ’ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਸਾਡਾ ਇਹ ਕਾਨੂੰਨ ਵਪਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਾਂ-ਬੱਧ ਮਨਜ਼ੂਰੀਆਂ ਦੇਣ ਅਤੇ ਇੰਸਪੈਕਟਰੀ ਰਾਜ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਕਾਨੂੰਨੀ… pic.twitter.com/7l2NHGkzr2
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 28, 2026
पंजाब मॉडल की बढ़ती स्वीकार्यता
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इस कानून को अपनाए जाने को पंजाब के शासन मॉडल की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार, “पंजाब मॉडल” की उद्योग नीति अब अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी चर्चा का विषय बन रही है, जहां इसी तरह के सुधारों पर विचार किया जा रहा है।
पंजाब को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने दोहराया है कि उनका लक्ष्य पंजाब को देश का सबसे पसंदीदा औद्योगिक निवेश केंद्र बनाना है। इसके लिए राज्य सरकार लगातार नीतिगत सुधार, तेज मंजूरी प्रक्रिया और प्रशासनिक बाधाओं को कम करने पर काम कर रही है।

