पंजाब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में बड़ा सुधार दर्ज किया है। राज्य की MMR और IMR दरें राष्ट्रीय औसत से बेहतर हैं।
पंजाब “रंगला पंजाब” के विजन की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां राज्य सरकार हर क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है, जिससे राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन
हालिया स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, पंजाब ने कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य में मातृ मृत्यु दर (MMR) घटकर 77 प्रति 1 लाख जीवित जन्म रह गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 87 है। इसी प्रकार, शिशु मृत्यु दर (IMR) पंजाब में 16 प्रति 1000 जीवित जन्म है, जो राष्ट्रीय औसत 24 से काफी कम है।
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राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) में सुधार
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार पंजाब ने मातृ मृत्यु दर की रैंकिंग में 10 स्थानों का सुधार किया है। इसके साथ ही शिशु मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में भी पंजाब का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है।
मान सरकार के स्वास्थ्य सुधारों का असर
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में किए गए निरंतर सुधारों का परिणाम है। सरकार द्वारा किए गए प्रमुख प्रयासों में शामिल हैं:
- सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज सुविधाएं
- सुरक्षित प्रसव सेवाओं का विस्तार
- समय पर टीकाकरण अभियान
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तिकरण
ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं राज्य के हर कोने तक पहुंचें। विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि माताओं और बच्चों को समय पर इलाज मिल सके।

