पंजाब के सरकारी स्कूलों ने JEE, JEE Advanced और NEET-UG 2026 में शानदार सफलता दर्ज की। 300 से अधिक प्रधानाचार्यों को मोहाली में सम्मानित किया गया।
पंजाब सरकार के सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं JEE (Main), JEE (Advanced) और NEET-UG 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि के सम्मान में मोहाली स्थित क्लब में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान 300 से अधिक सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। इन स्कूलों के विद्यार्थियों ने Punjab Academic Coaching for Excellence (PACE) पहल के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस सम्मान समारोह में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने संयुक्त रूप से प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में स्कूल प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचान देना था।
JEE और NEET 2026 में रिकॉर्ड सफलता
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि वर्ष 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 361 विद्यार्थियों ने JEE (Main) परीक्षा उत्तीर्ण की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं 64 छात्रों ने JEE (Advanced) में सफलता हासिल की, जो वर्ष 2025 की तुलना में 45.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में भी सरकारी स्कूलों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ष 882 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि 2025 में यह संख्या 847 और 2024 में 437 थी। केवल दो वर्षों में NEET परिणामों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
IIT, NIT और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बढ़ा प्रवेश
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों की उपलब्धियां पंजाब में शिक्षा सुधारों का स्पष्ट प्रमाण हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष 10 विद्यार्थियों को IIT, 36 छात्रों को NIT तथा 90 से अधिक छात्रों को देशभर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिला है।
उन्होंने कहा कि अब पंजाब के सरकारी स्कूल ऐसे विद्यार्थियों को तैयार कर रहे हैं, जो देश के प्रतिष्ठित तकनीकी और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश पाने की क्षमता रखते हैं।
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स्कूल प्रधानाचार्यों की भूमिका सबसे अहम
शिक्षा मंत्री ने विद्यालय प्रमुखों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एक समर्पित प्रधानाचार्य साधारण स्कूल को भी उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र में बदल सकता है। उनके अनुसार, केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों का समर्पण ही शिक्षा व्यवस्था को सफल बनाता है।
PACE पहल के तहत छात्रों को मिली विशेष कोचिंग
बैंस ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जून 2026 में अमृतसर, बठिंडा, जालंधर और मोहाली में चार बड़े आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित किए थे। इन शिविरों में करीब 3,000 विद्यार्थियों को JEE और NEET की तैयारी के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा गहन कोचिंग, डाउट क्लियरिंग सेशन, मॉक टेस्ट, करियर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन की सुविधा प्रदान की गई।
उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मनीष सिसोदिया बोले – शिक्षक ही शिक्षा परिवर्तन की असली ताकत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि किसी भी स्कूल की पहचान केवल उसकी इमारत से नहीं होती, बल्कि वहां पढ़ाने वाले शिक्षक उसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ विशेषज्ञ कोचिंग, नियमित मार्गदर्शन, सतत मूल्यांकन और आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि विद्यार्थी JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में सफल होकर बेहतर भविष्य बना सकें।
सिसोदिया ने कहा कि आज सरकारी स्कूल केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के लिए IIT, NIT, मेडिकल कॉलेजों और बेहतर करियर तक पहुंचने का मजबूत माध्यम बन चुके हैं।
कार्यक्रम में पीडीसी सदस्य अनुराग कुंडू, विद्यालय शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एस. एस. बाल तथा स्कूल शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

