पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने राज्य के बढ़ते कर्ज को लेकर AAP सरकार पर हमला करते हुए वित्तीय स्थिति पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की।
पंजाब कांग्रेस ने राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और सरकार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि राज्य का कर्ज अब चार लाख करोड़ रुपये की ‘रेडलाइन’ पार कर चुका है और मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक यह करीब ₹4.17 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
‘लापरवाह उधारी से राज्य दिवालियेपन के कगार पर’
राजा वारिंग ने आरोप लगाया कि AAP सरकार की लापरवाह उधारी ने पंजाब को आर्थिक संकट के कगार पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में विभिन्न सरकारों ने कुल मिलाकर लगभग ₹3 लाख करोड़ का कर्ज लिया था, जबकि मौजूदा सरकार ने सिर्फ चार वर्षों में ही ₹1 लाख करोड़ से अधिक का अतिरिक्त कर्ज जोड़ दिया।
उनका कहना था कि यह उधारी भी अधिकतर गैर-उत्पादक कार्यों के लिए की गई है और पिछले चार वर्षों में कोई बड़ा बुनियादी ढांचा परियोजना शुरू नहीं की गई।
‘ब्याज चुकाने के लिए भी लेना पड़ रहा कर्ज’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि सरकार को मौजूदा कर्ज के ब्याज का भुगतान करने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के उन दावों के विपरीत है, जिनमें वित्तीय अनुशासन और राजस्व बढ़ाने की बात कही गई थी।
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विज्ञापनों पर खर्च को लेकर भी सवाल
राजा वारिंग ने आरोप लगाया कि गंभीर वित्तीय स्थिति के बावजूद राज्य सरकार विज्ञापनों, होर्डिंग्स, बैनरों और सरकारी संपत्तियों की ब्रांडिंग पर भारी खर्च कर रही है।
उन्होंने कहा, “जब राज्य कर्ज के बोझ से दबा हुआ है, तब हर रुपये का इस्तेमाल पंजाब की अर्थव्यवस्था और संस्थाओं को मजबूत करने के लिए होना चाहिए, न कि किसी पार्टी की छवि बनाने के लिए।”
व्हाइट पेपर जारी करने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति, कर्ज, राजस्व और खर्च के आंकड़ों को सार्वजनिक करने के लिए एक विस्तृत व्हाइट पेपर जारी करे, ताकि लोगों को राज्य की आर्थिक स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
पार्टी का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है।

