पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एसजीपीसी ने श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला के दौरान प्लास्टिक-फ्री अभियान चलाते हुए लंगर समितियों को 20 लाख से अधिक बायोडिग्रेडेबल बर्तन मुफ्त वितरित किए।
पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं को साथ लेकर चलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने मिलकर ‘प्लास्टिक-फ्री होला मोहल्ला’ अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया। इस अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक सिख पर्व होला मोहल्ला के दौरान श्री आनंदपुर साहिब में पर्यावरण स्वच्छता को बढ़ावा देना था।
अभियान के तहत लंगर समितियों को बड़े पैमाने पर बायोडिग्रेडेबल और कंपोस्टेबल डिस्पोजेबल बर्तन मुफ्त उपलब्ध कराए गए, ताकि धार्मिक आयोजन के दौरान सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम किया जा सके।
20 लाख से अधिक पर्यावरण अनुकूल बर्तन वितरित
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस पहल के तहत 20 लाख से अधिक बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं वितरित की गईं। इनमें शामिल हैं:
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7 लाख बायोडिग्रेडेबल कप
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6.5 लाख चम्मच
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2.5 लाख प्लेटें
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5 लाख कटोरियां
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5,000 बायोडिग्रेडेबल कचरा बैग
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30,000 कैरी बैग (कड़ाह प्रसाद के लिए)
इन वस्तुओं को श्री आनंदपुर साहिब के विभिन्न लंगर केंद्रों में संचालित समितियों को मुफ्त उपलब्ध कराया गया।
1 मार्च को हुआ अभियान का शुभारंभ
इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ 1 मार्च 2026 को किया गया। PPCB की चेयरपर्सन रीना गुप्ता और सदस्य सचिव लवनीत दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त साहिब और श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से मुलाकात कर अभियान की शुरुआत की।
अभियान की तैयारियां कई सप्ताह पहले से शुरू कर दी गई थीं। इसके लिए लंगर समितियों से आवश्यकताओं का आकलन किया गया और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया।
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20 विशेष टीमों ने संभाली जिम्मेदारी
इस अभियान को सफल बनाने के लिए PPCB के अधिकारियों और स्वयंसेवकों की 20 विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया। इन टीमों ने 27 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक लगातार काम करते हुए यह सुनिश्चित किया कि सभी लंगर केंद्रों तक पर्यावरण अनुकूल सामग्री समय पर पहुंच सके।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
PPCB की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि सिख गुरुओं का संदेश “पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत” हमें प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण की सीख देता है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थल श्री आनंदपुर साहिब को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त रखना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था।
उन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए SGPC और स्वयंसेवकों का भी आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं और समाज से मिली सराहना
इस पहल को श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक सराहना मिली है। लोगों का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को अपनाने का यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से भविष्य में अन्य धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी सतत और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।

