Paytm ने बायोमेट्रिक UPI पेमेंट और Cardless ATM Withdrawal फीचर लॉन्च किया, अब बिना PIN के आसानी से ट्रांजैक्शन संभव।
डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Paytm ने अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा और सुविधाजनक अपडेट पेश किया है, जिससे अब UPI पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। कंपनी ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और Cardless ATM Withdrawal जैसे दो नए फीचर्स को रोलआउट किया है, जो यूजर्स के रोजमर्रा के लेनदेन को तेज, सुरक्षित और सरल बनाएंगे।
सबसे अहम बदलाव UPI पेमेंट सिस्टम में किया गया है, जहां अब यूजर्स को हर ट्रांजैक्शन के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह वे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे। इसका मतलब है कि अब QR कोड स्कैन करने और अमाउंट डालने के बाद केवल एक टच या फेस स्कैन से ही पेमेंट पूरा हो जाएगा।
कंपनी के अनुसार, यह फीचर Android डिवाइस पर फिंगरप्रिंट और iOS डिवाइस पर Face ID के साथ काम करेगा। खास बात यह है कि यूजर की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए Paytm या बैंक किसी भी तरह का बायोमेट्रिक डेटा स्टोर नहीं करेंगे। साथ ही, NPCI के नियमों के अनुसार, इस फीचर के जरिए किए गए ट्रांजैक्शन की लिमिट प्रति भुगतान 5000 रुपये तक होगी।
इस नए फीचर को एक्टिवेट करना भी बेहद आसान है। यूजर्स को ऐप की सेटिंग्स में जाकर ‘Pay with Fingerprint’ या ‘Pay with Face ID’ विकल्प को चुनना होगा और फिर अपने बैंक अकाउंट के साथ इसे लिंक करना होगा। सेटअप पूरा होते ही यह सुविधा तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगी।
also read : Redmi Note 15 SE 5G की सेल शुरू: 5800mAh बैटरी और Snapdragon 6 Gen 3 के साथ ₹2000 तक की छूट
इसके अलावा, Paytm ने Cardless ATM Withdrawal फीचर भी पेश किया है, जो यूजर्स को बिना ATM कार्ड के कैश निकालने की सुविधा देता है। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो कार्ड साथ रखना भूल जाते हैं या कैश की जरूरत अचानक पड़ जाती है।
इस सुविधा का उपयोग करने के लिए यूजर को ATM मशीन पर ‘UPI Cash Withdrawal’ विकल्प चुनना होगा, फिर राशि दर्ज करनी होगी और स्क्रीन पर दिख रहे QR कोड को Paytm ऐप से स्कैन करना होगा। इसके बाद UPI PIN वेरिफिकेशन के जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा और ATM से कैश निकल जाएगा।
इस फीचर के तहत एक बार में अधिकतम 10,000 रुपये तक की निकासी की जा सकती है। यह अपडेट भारतीय रिजर्व बैंक के नए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियमों के अनुरूप लाया गया है, जो 1 अप्रैल से लागू हुए हैं।
डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच Paytm का यह कदम यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ सुरक्षा और सुविधा को भी एक नया स्तर देता है। आने वाले समय में ऐसे फीचर्स डिजिटल इंडिया को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

