Swiggy और Zomato से बार-बार खाना मंगाने पर प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और महंगे मेन्यू से हर महीने ₹900 तक अतिरिक्त खर्च।
आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन खाना मंगाना लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। Swiggy और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म्स ने फूड डिलीवरी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसकी कीमत भी अब धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति महीने में 9 से 12 बार ऑनलाइन खाना ऑर्डर करता है, तो उसे करीब ₹900 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
इस बढ़ते खर्च की सबसे बड़ी वजह प्लेटफॉर्म फीस और डिलीवरी चार्ज हैं। पिछले तीन सालों में इन कंपनियों ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 9 गुना तक इजाफा किया है। पहले जहां यह फीस ₹2 के आसपास होती थी, वहीं अब यह बढ़कर टैक्स समेत लगभग ₹17.58 प्रति ऑर्डर तक पहुंच गई है। अगर कोई यूजर महीने में 12 बार ऑर्डर करता है, तो सिर्फ प्लेटफॉर्म फीस ही करीब ₹180 तक हो जाती है।
इसके अलावा डिलीवरी चार्ज भी खर्च को और बढ़ा देता है। औसतन हर ऑर्डर पर ₹50-60 तक डिलीवरी फीस लगती है, जिससे महीने भर में यह रकम करीब ₹700 से अधिक हो सकती है। इस तरह कुल मिलाकर यूजर को लगभग ₹900 अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, जो अक्सर ध्यान में नहीं आता।
इतना ही नहीं, ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग में एक और बड़ा फैक्टर है—मेन्यू की कीमत। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो खाना ऑफलाइन रेस्टोरेंट में ₹100 में मिलता है, वही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 10-15% ज्यादा महंगा होता है। यानी वही डिश ऑनलाइन ₹110 से ₹115 तक पड़ सकती है। यह अंतर रेस्टोरेंट्स द्वारा प्लेटफॉर्म कमीशन को कवर करने के लिए किया जाता है।
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भारत में फूड डिलीवरी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। 2023 में यह बाजार करीब ₹69 हजार करोड़ का था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। अनुमान है कि 2026 तक यह इंडस्ट्री ₹2.25 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है। इस तेजी के साथ ही यूजर्स का खर्च भी बढ़ता जा रहा है।
हालांकि, ऑनलाइन ऑर्डरिंग की सुविधा और समय की बचत इसे लोकप्रिय बनाती है, लेकिन बार-बार इसका इस्तेमाल जेब पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स को इन छिपे हुए चार्जेस को समझना चाहिए और जरूरत के अनुसार ही ऑर्डर करना चाहिए।
कुल मिलाकर, ऑनलाइन खाना मंगाना जितना आसान है, उतना ही महंगा भी साबित हो सकता है। अगर आप भी हर महीने कई बार ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो थोड़ा सतर्क रहना जरूरी है, ताकि आपकी जेब पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

