Qatar UPI: विपुल ने कहा कि यूपीआई कतर में शुरू होने के बाद 10 बिलियन डॉलर के निवेश और मजबूत स्टार्टअप सहयोग से दोनों देशों के संबंधों में एक नया चैप्टर जुड़ेगा।
Qatar UPI: भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को कतर में जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसकी जानकारी पिछले हफ्ते दोहा में भारत के राजदूत विपुल ने दी। दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन अब जुलाई 2024 में कतर नेशनल बैंक (UNCB) के पॉइंट-ऑफ-सेल सिस्टम से पूरी तरह से बदल जाएगा।
कतर में UPI की जांच पूरी
मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में विपुल ने कहा, “कतर में UPI से लेनदेन जल्द ही शुरू हो जाएगा।” कतर नेशनल बैंक (QNB) के साथ इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और लॉन्चिंग पूरी हो चुकी हैं। यह दोनों देशों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। UPI के माध्यम से कतर में रह रहे बहुत से भारतीयों के बीच वित्तीय हस्तांतरण और फिनटेक सहयोग गहरा होगा। भारत और कतर स्टार्टअप और नवाचार में भी अपनी सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।
भारतीय उद्यमियों के लिए कतर में बेहतर वातावरण
विपुल ने कहा, “भारत में प्रतिभाओं का भंडार है, टेक्नोलॉजी पर फोकस है, 150,000 स्टार्टअप के साथ इसका दायरा भी काफी बड़ा है।” कतर में स्टार्टअप के लिए फाइनेंसिंग और इकोसिस्टम दोनों हैं। कतर में अपने बिजनेस मॉडल को पूरा करने में सक्षम हैं भारतीय स्टार्टअप।आर्थिक संबंधों को दोनों देश मजबूत कर रहे हैं, हाल ही में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के भारत दौरे के बाद स्थिति और गहरी हुई है। कतर ने फरवरी में अमीर के भारत दौरे पर 10 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया था।
भारत में कतर के निवेश का बढ़ता हुआ क्षेत्र
विपुल ने कहा, “कतर ने पहले ही भारत में रिटेल, रिन्यूऐबल एनर्जी, आईटी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में 1.5 बिलियन डॉलर का पहले से ही निवेश किया हुआ है।” हाल ही में 10 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता के साथ निवेश का दायरा अब इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्पेस और अन्य क्षेत्रों में बढ़ सकता है।बता दें कि कतर में फिलहाल 800 हजार से अधिक भारतीय रह रहे हैं। उसने कहा, “कतर भारतीयों के कंट्रीब्यूशन की सराहना करता है। कतर के प्रौद्योगिकी संस्थानों, Indian Institute of Science (IISc) और Indian Institute of Technology (IIT) के बीच सहयोग और टैलेंट आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहिए।”
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