नितिन गडकरी के ‘अब ज्यादा काम नहीं कर सकता’ बयान पर सियासी चर्चा तेज हुई। उनके ऑफिस ने सफाई दी कि टिप्पणी राजनीति नहीं, बल्कि ट्रस्ट और युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी देने के संदर्भ में थी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। गडकरी ने सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उनके बयान को राजनीति से जोड़कर देखे जाने के बाद उनके कार्यालय ने सफाई जारी की है।
गडकरी के बयान का क्या था संदर्भ?
नितिन गडकरी नागपुर जिले के कटोल क्षेत्र के पारडसिंगा में आयोजित एकलव्य एकल विद्यालय के शिक्षक-सुपरवाइजर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन और बदलती जीवनशैली के बारे में बात की।
गडकरी ने कहा कि वह करीब तीन दशकों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें पहले की तुलना में कम काम करना चाहिए और युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
बयान सामने आने के बाद कुछ रिपोर्ट्स में इसे उनके सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने या भविष्य की राजनीतिक भूमिका से जोड़कर देखा गया।
📍Katol, Nagpur | Addressing Eklavya Ekal Vidyalaya Shikshak-Parvekshak Prashikshan Varg organised by Laxmanrao Mankar Trusthttps://t.co/IhosghyqDE
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) August 23, 2026
नितिन गडकरी के ऑफिस ने दी सफाई
बयान पर चर्चा बढ़ने के बाद नितिन गडकरी के कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनकी टिप्पणी का राजनीतिक संदर्भ नहीं था। ऑफिस के मुताबिक, गडकरी लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के कामकाज और भविष्य के नेतृत्व को लेकर बात कर रहे थे। यह संस्था उनके द्वारा स्थापित की गई है और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों के संचालन से जुड़ी है।
सफाई में कहा गया कि गडकरी की टिप्पणी ट्रस्ट की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने और युवा पीढ़ी को अधिक अवसर देने के संदर्भ में थी। उनके बयान को राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर पेश करना उसके मूल संदर्भ से अलग है।
कोरोना के बाद बदली नितिन गडकरी की दिनचर्या
कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने अपनी जीवनशैली में आए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना शुरू किया है और अब नियमित रूप से योग करते हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य को जीवन की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक बताते हुए कहा कि अच्छी सेहत के बिना धन और ताकत का भी पूरा लाभ नहीं लिया जा सकता।
गडकरी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए यह भी बताया कि पार्टी के लिए काम करने के दौरान उनकी दिनचर्या काफी अलग थी। उस समय वह देर तक काम करते थे और कई बार खाना खाकर ही आराम करने चले जाते थे।
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विकास कार्यों पर भी गडकरी ने की चर्चा
कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में विकास और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकास का दायरा और विस्तृत होना चाहिए।
उनका जोर इस बात पर रहा कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों को जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पीढ़ीगत बदलाव की चर्चा के बीच आया बयान
गडकरी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब राजनीतिक दलों में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने और नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा होती रहती है।
हाल ही में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का गठन हुआ है। 65 सदस्यों वाली इस टीम में 51 नए चेहरों को शामिल किए जाने की बात सामने आई है। इसे संगठन में पीढ़ीगत बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, नितिन गडकरी के कार्यालय की सफाई के बाद यह स्पष्ट है कि उनके वायरल बयान को सीधे तौर पर राजनीतिक संन्यास या सक्रिय राजनीति छोड़ने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

