एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में रीजनल प्लान-2041, शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ग्रोथ पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एनसीआर की मौजूदा क्षेत्रीय सीमा में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और इसे यथावत रखा जाएगा।
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रीजनल प्लान-2041 पर विस्तृत चर्चा
बैठक में रीजनल प्लान-2041 को लेकर गहन मंथन किया गया। इसमें एनसीआर के भविष्य के शहरी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, यातायात प्रबंधन और योजनाबद्ध विकास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र का विकास दीर्घकालिक दृष्टिकोण और संतुलित शहरी नियोजन के आधार पर किया जाना चाहिए।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
“बैठक में तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी… pic.twitter.com/ttJhYi9bYp
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 16, 2026
पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ग्रोथ पर जोर
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और सतत विकास (सस्टेनेबल ग्रोथ) को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। साथ ही तेजी से हो रहे शहरीकरण को नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
सरकार का दृष्टिकोण और विकास रणनीति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एनसीआर के समग्र विकास के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रीजनल प्लान-2041 का उद्देश्य क्षेत्र को आधुनिक, व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एनसीआर के विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि क्षेत्र को एक टिकाऊ और संतुलित विकास मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके।

