हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में अहिंसा, तप और भारतीय संस्कृति के महत्व पर जोर देते हुए विकास कार्यों की सौगात दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व कई तरह के संघर्ष, हिंसा और अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में जैन धर्म की मूल भावना “अहिंसा परमो धर्म:” पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गई है। उन्होंने करनाल स्थित श्री आत्म मनोहर जैन आराधना मंदिर में आयोजित विशेष धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिद्धांत न केवल शांति और प्रेम का संदेश देता है, बल्कि मानवता को सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग भी दिखाता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से इस विचारधारा से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मनियंत्रण, धैर्य और संयम जैसे गुण जीवन को सफल और सार्थक बनाते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करनाल में पीयूष ब्लॉक अस्पताल के प्रथम तल का शिलान्यास किया और दो पक्षी मीनारों व जीव सेवा केंद्र का उद्घाटन कर क्षेत्र को महत्वपूर्ण विकास सौगातें दीं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और मंदिर में भगवान श्री घण्टाकर्ण महावीर की आराधना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने अक्षय तृतीया, भगवान परशुराम जयंती और वर्षी तप पारणा पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन भारतीय संस्कृति में त्याग, तपस्या और दान की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने भगवान ऋषभदेव की तपस्या और उनके पारणा की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि और संयम का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में प्रगति की है, बल्कि अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने श्री राम मंदिर, महाकालेश्वर कॉरिडोर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत को पुनः “विश्व गुरु” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती पर जैन धर्म का ऐतिहासिक प्रभाव रहा है और प्रदेश के कई क्षेत्रों में इसकी सांस्कृतिक छाप आज भी देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि सरकार सभी धर्मों के सम्मान और विकास के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत 5 मई को नांदेड़ साहिब के लिए विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी।
कार्यक्रम में संत गौरव पीयूष मुनि महाराज ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि अक्षय तृतीया केवल एक तिथि नहीं, बल्कि त्याग, सेवा और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है। उन्होंने भगवान ऋषभदेव की तपस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि सच्ची आध्यात्मिकता भौतिक सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर आत्मिक विकास और जनसेवा में निहित है।
इस दौरान इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद और असंध के विधायक योगेंद्र राणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और विकास के संदेश को भी मजबूती से सामने लेकर आया।

