हरियाणा के झज्जर जिले के मातनहेल गांव में PPP मोड पर सैनिक स्कूल खोलने को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है, इसके लिए ग्राम पंचायत से 60 एकड़ जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि झज्जर जिले के मातनहेल गांव में पीपीपी मोड (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत सैनिक स्कूल खोलने के प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत से 60 एकड़ भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
राव नरबीर सिंह ने यह जानकारी हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक गीता भुक्कल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय देवी लाल ने मातनहेल में सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी, लेकिन यह मांग लंबे समय तक लंबित रही।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 तक यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मातनहेल में सैनिक स्कूल खोलने की मांग की थी।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में सैनिक स्कूल कुंजपुरा (करनाल) और सैनिक स्कूल रेवाड़ी संचालित हैं। हरियाणा भले ही क्षेत्रफल के हिसाब से छोटा राज्य हो, लेकिन यहां के युवाओं में सेना में भर्ती होने का जबरदस्त उत्साह और देश सेवा का जज्बा देखने को मिलता है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि इसी भावना को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने अब मातनहेल में PPP मोड पर सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी दी है, जिससे प्रदेश के युवाओं को सैन्य शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूलों में प्रवेश से जुड़े नियम और स्थानीय गांवों के लिए आरक्षण संबंधी प्रावधान रक्षा मंत्रालय की नीति के अनुसार तय किए जाते हैं।
इसके अलावा विधायक द्वारा उठाए गए ग्रुप-डी पदों पर स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मुद्दे पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

