मार्नस लाबुशेन खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ अगले टेस्ट में बड़ी पारी खेलकर वह आलोचकों को जवाब देने और फॉर्म में लौटने की कोशिश करेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन इस समय अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचनाओं के घेरे में हैं। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से शतक का इंतजार कर रहे लाबुशेन पर टीम में अपनी जगह बनाए रखने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, खुद इस बल्लेबाज को भरोसा है कि एक अच्छी पारी उनके लिए पूरा माहौल बदल सकती है।
बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में लाबुशेन ने 1 और 31 रन बनाए। दूसरी पारी में उन्होंने कुछ समय तक अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन ताइजुल इस्लाम की गेंद पर जल्दबाजी में शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे।
लाबुशेन ने मानी अपनी गलती
मैच के बाद अपनी बल्लेबाजी पर बात करते हुए लाबुशेन ने माना कि वह दूसरी पारी में एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गए थे, जहां उन्हें थोड़ा और धैर्य दिखाने की जरूरत थी।
उन्होंने स्वीकार किया कि गेंदबाज पर दबाव बनाने की कोशिश में उन्होंने ऐसा शॉट खेल दिया, जिसकी उस समय आवश्यकता नहीं थी। उनके मुताबिक, यह गलती जल्द रन बनाने की मानसिकता से जुड़ी थी।
लाबुशेन का कहना है कि खराब दौर में बल्लेबाज के लिए सबसे जरूरी है कि वह अपनी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखे। उनके अनुसार, रन नहीं बनने की स्थिति में खिलाड़ी के मन में जल्द सफलता हासिल करने की इच्छा बढ़ जाती है, लेकिन इसी दौरान धैर्य बनाए रखना जरूरी होता है।
“सिर्फ एक पारी की जरूरत”
लाबुशेन ने अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। उनका मानना है कि क्रिकेट में खराब फॉर्म हमेशा नहीं रहती और कभी-कभी सिर्फ एक बड़ी पारी ही आत्मविश्वास वापस लाने के लिए पर्याप्त होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मुकाबले से उन्हें कुछ सीख मिली है और अब उनकी कोशिश उन गलतियों को अगले मैच में नहीं दोहराने की होगी।
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माइकल हसी ने समझा लाबुशेन का दर्द
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज माइकल हसी ने लाबुशेन की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन के दौरान बल्लेबाज पर मानसिक दबाव काफी बढ़ जाता है।
हसी के मुताबिक, जब कोई खिलाड़ी रन नहीं बना रहा होता है तो टीम और मीडिया का पूरा ध्यान उसी पर चला जाता है। लेकिन जैसे ही वह बड़ी पारी खेलता है, दबाव किसी दूसरे खिलाड़ी पर पहुंच जाता है।
उन्होंने लाबुशेन को सलाह दी कि वह क्रीज पर ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें और जल्दबाजी से बचें। हसी का मानना है कि एक बड़ा स्कोर लाबुशेन के आत्मविश्वास को फिर से मजबूत कर सकता है।
एलिसा हीली ने भी माना- दबाव साफ दिखाई दे रहा है
ऑस्ट्रेलिया की पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एलिसा हीली ने भी माना कि लाबुशेन पर दबाव है। उनका कहना है कि इसका असर उनकी बल्लेबाजी के तरीके में दिखाई दे रहा है।
हीली के अनुसार, लाबुशेन पहले की तुलना में क्रीज पर अधिक बेचैन नजर आ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली और चयन पैनल का उन पर भरोसा अभी कायम है।
चयनकर्ताओं की ओर से लाबुशेन को एक और अवसर मिलना इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन अभी उन्हें बाहर करने की जल्दबाजी में नहीं है।
स्टीव स्मिथ ने तकनीक को लेकर जताया भरोसा
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने भी लाबुशेन की बल्लेबाजी को लेकर सकारात्मक बात कही है। स्मिथ के अनुसार, लाबुशेन की बैटिंग तकनीक और बैट-पाथ में कोई बड़ी समस्या नजर नहीं आ रही है।
ऐसे में असली चुनौती सही समय पर सही निर्णय लेने की है। यदि लाबुशेन दबाव को किनारे रखकर अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देते हैं, तो वह जल्द ही बड़ी पारी खेल सकते हैं।
अगले टेस्ट में लाबुशेन पर रहेंगी नजरें
बांग्लादेश के खिलाफ अगला मुकाबला लाबुशेन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उनके टेस्ट करियर को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन चयनकर्ताओं का भरोसा अभी उनके साथ है।
अब लाबुशेन के पास खुद को साबित करने का एक और मौका है। यदि वह इस अवसर को बड़ी पारी में बदलने में सफल होते हैं, तो न केवल उनकी आलोचनाएं कम हो सकती हैं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी लौट सकता है।

