केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की बैठक की अध्यक्षता की। शहरी विकास, सुशासन और विकसित भारत 2047 पर चर्चा हुई।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने देश में बेहतर शहरी नियोजन, सुशासन और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और शहरी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों को हालिया प्रशासनिक पुनर्गठन की जानकारी दी गई। इसके तहत आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय अब दो अलग-अलग विभागों के माध्यम से कार्य करेगा। इनमें राजधानी विकास विभाग (Department of Capital Development – DCD) और शहरी विकास विभाग (Department of Urban Development – DUD) शामिल हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना है।
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शहरी विकास को लेकर हुई व्यापक चर्चा
बैठक में शहरी नियोजन, जल सुरक्षा, सुशासन व्यवस्था और संस्थागत क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों ने देश के शहरों को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव साझा किए।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में शहरों का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रह सकता। आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशासन, पर्यावरण संतुलन और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की नई दिशा तय करनी होगी।
आज आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर माननीय सदस्यों को अवगत कराया गया कि हालिया प्रशासनिक पुनर्गठन के अंतर्गत आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय अब दो अलग – अलग विभागों, राजधानी विकास विभाग (Department of Capital Development,… pic.twitter.com/mcyrKwjgUb
— Manohar Lal (@mlkhattar) July 30, 2026
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्धता
मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है, जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हों। विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए मजबूत, समावेशी और आधुनिक शहरी व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय परामर्शदात्री समिति के सदस्यों और राज्य सरकारों के साथ लगातार सहयोग और समन्वय के माध्यम से कार्य कर रहा है। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से ही देश के शहरों को नई पहचान दी जा सकती है।
बेहतर शहरी प्रबंधन से मजबूत होगा भारत का भविष्य
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी विकास में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। जल प्रबंधन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थागत मजबूती और नागरिक केंद्रित सेवाओं के माध्यम से शहरों को अधिक सक्षम बनाया जा सकता है।
मंत्रालय ने दोहराया कि आने वाले वर्षों में शहरी क्षेत्रों के विकास को नई गति देने के लिए प्रभावी नीतियों और बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लक्ष्य है कि भारत के शहर विकास, नवाचार और बेहतर जीवन सुविधाओं के केंद्र बनें।

