अरविंद केजरीवाल ने NEET पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर सवाल उठाए। जानिए पूरा विवाद और विपक्ष की प्रतिक्रिया।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में त्वरित अदालतें गठित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा पर सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम केवल एक राजनीतिक बयान है और पिछले NEET पेपर लीक मामले में हुई कार्रवाई इस दावे से मेल नहीं खाती।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आश्वासन वास्तविक स्थिति से अलग दिखाई देता है। उन्होंने 2024 के NEET पेपर लीक मामले का उदाहरण देते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कल रात को 12 बजे प्रधानमंत्री जी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए क़ानून लाया जाएगा।
मोदी जी का दिया आश्वासन कितना खोखला है, ये कल ख़ुद ही साबित हो गया।
2024 NEET पेपर लीक के mastermind को कल CBI ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर… https://t.co/PvpXjiJjQh pic.twitter.com/AuM1AODWnM
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 24, 2026
NEET पेपर लीक मामले में जांच पर उठाए सवाल
AAP नेता ने दावा किया कि NEET पेपर लीक मामले में कथित मुख्य आरोपी बताए गए संजीव मुखिया को जमानत मिल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी अदालत में यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि मामले का असली मास्टरमाइंड कौन है।
केजरीवाल ने सवाल किया कि यदि जांच एजेंसियों के पास मुख्य आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, तो फिर पेपर लीक की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक केवल फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
सरकार की मंशा पर भी साधा निशाना
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियां पर्याप्त सबूत जुटाने में विफल रहती हैं और आरोपी आसानी से जमानत हासिल कर लेते हैं, तो नई अदालतों का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
पीएम मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कानून का दिया भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा था कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल पेपर लीक रोकने और अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए नए कानूनी प्रावधानों पर विचार करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है और जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विपक्ष ने NEET विवाद पर सरकार को घेरा
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पेपर लीक रोकने की चुनौती
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सख्त कानून बनाने के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार, निगरानी व्यवस्था और पारदर्शी जांच प्रक्रिया को मजबूत करना भी जरूरी है।
NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार की नई पहल किस तरह लागू होती है और क्या इससे भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

