करनाल में आयोजित जागरूकता वॉकथॉन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने एचपीवी वैक्सीन को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी उपाय बताते हुए स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया।
हरियाणा में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से करनाल में एक विशेष वॉकथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, विकास और व्यवस्था के प्रति जागरूकता किसी भी समाज की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों के स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का एक सशक्त माध्यम है और अभिभावकों को इसे प्राथमिकता के साथ अपनाना चाहिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित इस वॉकथॉन का उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना था। यह वॉकथॉन करनाल क्लब से शुरू होकर सिविल अस्पताल तक आयोजित की गई, जिसमें डॉक्टरों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी, साथ ही एचपीवी वैक्सीन के महत्व को भी समझाया।
अपने संबोधन में हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि आज के दौर में केवल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक होगा, तभी वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर तरीके से निभा पाएगा। इससे सामाजिक विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रगति को भी मजबूती मिलेगी।
also read : 🕊️ संगीत जगत को बड़ा झटका! 🎶 आशा भोसले का निधन, पहली तस्वीर हुई वायरल — पोती ज़नाई का रो-रोकर बुरा हाल 😢
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई एचपीवी वैक्सीनेशन पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है, जिसे समय रहते टीकाकरण और नियमित जांच के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रम लोगों को न केवल जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में शामिल चिकित्सकों ने भी बताया कि एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए किशोरावस्था में ही वैक्सीनेशन सबसे अधिक प्रभावी होता है। इसके साथ ही नियमित स्क्रीनिंग और समय पर जांच से इस बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की संभावना बढ़ जाती है। वॉकथॉन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज को मिलकर महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता दिखानी होगी।
इस पहल ने करनाल सहित पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि जागरूकता ही किसी भी बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। एचपीवी वैक्सीन को लेकर बढ़ती समझ और भागीदारी आने वाले समय में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जिससे एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।

