जाह्नवी कपूर ने पपराजी कल्चर, AI एडिट्स और बिना सहमति के ओवरसेक्शुअलाइजेशन पर खुलकर बात करते हुए इसे इनवेसिव और गलत बताया।
बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने हाल ही में ओवरसेक्शुअलाइजेशन, पपराजी कल्चर और डिजिटल कंटेंट के गलत इस्तेमाल को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बिना सहमति किसी के शरीर के हिस्सों पर फोकस करना न केवल गलत है, बल्कि यह बेहद असहज और निजी सीमा का उल्लंघन भी है।
जाह्नवी कपूर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पपराजी से इस मुद्दे पर बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि “अगर हम किसी खास तरह के कपड़े पहनते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि कोई हमारी बॉडी के खास हिस्सों पर ज़ूम करे। यह न केवल हमारे लिए गलत है बल्कि यह दर्शाता है कि महिलाओं के शरीर को व्यूज और पैसे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह समस्या केवल पपराजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शकों की खपत से भी जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने वाला कंटेंट सबसे ज्यादा देखा जाता है, इसी वजह से इस तरह की तस्वीरें और वीडियो बार-बार वायरल होते हैं।
जाह्नवी कपूर ने सहमति (consent) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अभिनय और शोषण में बड़ा अंतर होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई सीन या गाना जानबूझकर सेंशुअल बनाया गया है, तो वह एक कलात्मक प्रस्तुति है, लेकिन बिना अनुमति किसी को इस तरह प्रस्तुत करना पूरी तरह गलत है।
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अभिनेत्री ने डिजिटल दौर में AI और एडिटिंग के बढ़ते खतरे को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि कई बार तस्वीरों और वीडियोज़ को इस तरह एडिट किया जाता है, जिसमें उनकी जानकारी या सहमति शामिल नहीं होती। इससे उनकी छवि पर असर पड़ता है और वह खुद को असहज महसूस करती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की चीजों का असर उनके करियर पर भी पड़ता है। लोगों की बनाई गई धारणा (perception) फिल्मों में कास्टिंग तक को प्रभावित करती है। “अगर लोगों के सामने बार-बार एक खास तरह की इमेज पेश की जाती है, तो वे उसी आधार पर आपको जज करने लगते हैं, जो कि गलत है लेकिन यही हकीकत है,” उन्होंने कहा।
जाह्नवी कपूर ने खुलासा किया कि हाल के महीनों में उन्होंने खुद को मीडिया से दूर रखने की कोशिश की है ताकि उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कम हो सके। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इंटरनेट पर पहले से मौजूद कंटेंट इतना ज्यादा है कि पूरी तरह गायब होना संभव नहीं है।
अंत में उन्होंने कहा कि वह अभी उस स्थिति में नहीं हैं जहां पूरी तरह इन चीजों को नजरअंदाज कर सकें, इसलिए फिलहाल सावधानी बरतना ही बेहतर विकल्प है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वह बिना किसी डर के खुद को पूरी तरह व्यक्त कर पाएंगी।
जाह्नवी कपूर के इस बयान ने मनोरंजन जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां अब कलाकारों की निजता, सहमति और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा होने की संभावना है।

