IPU के दीक्षांत समारोह में एलजी तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों को सम्मानित कर “विकसित भारत” में योगदान देने का आह्वान किया।
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में आज एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू मुख्य रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मेडल और डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला, जहां छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाया।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अपने संबोधन में सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वे देश के भविष्य की ताकत हैं और “विकसित भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज के युवा न केवल अपने करियर में सफलता हासिल करें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय योगदान दें।
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समारोह के दौरान उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में तेजी से सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली का शिक्षा बजट बढ़कर 19,326 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे स्कूलों और विश्वविद्यालयों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल तकनीकों और बेहतर संसाधनों के माध्यम से छात्रों को नई संभावनाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का फोकस ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर है, जो छात्रों की जरूरतों के अनुरूप हो और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करे। शिक्षा में नवाचार, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें की जा रही हैं।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. महेश वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उन्होंने भी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, बल्कि यह उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक भी है। इस अवसर पर दिया गया “विकसित भारत” का संदेश छात्रों को अपने लक्ष्यों की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए भी उत्साहित करता है।

