एनएचएम हरियाणा ने एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया सहयोग की अपील की, यह अभियान 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाया जा रहा है।
हरियाणा में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) हरियाणा ने मीडिया और जनसंचार माध्यमों से सहयोग की अपील की है। मिशन निदेशक ने कहा कि जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
तीन महीने तक चलेगा विशेष अभियान
एनएचएम के अनुसार एचपीवी वैक्सीन को भारत सरकार ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है। इसके तहत हरियाणा में 28 फरवरी 2026 से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है, जो करीब तीन महीने तक चलेगा।
अभियान के दौरान वैक्सीन सिंगल डोज शेड्यूल के तहत दी जा रही है और इसके लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण और निगरानी की पूरी व्यवस्था की गई है।
सर्वाइकल कैंसर रोकथाम में मददगार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे सामान्य कैंसर है, जबकि भारत में यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर माना जाता है। अधिकांश मामलों में यह बीमारी ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण के कारण होती है।
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14 वर्ष की बालिकाएं होंगी पात्र
इस अभियान के तहत 14 वर्ष की आयु की बालिकाएं, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं, टीकाकरण के लिए पात्र होंगी।
पात्र बालिकाओं को निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा, बशर्ते उन्होंने पहले एचपीवी वैक्सीन की कोई खुराक न ली हो।
जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका
एनएचएम हरियाणा ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया कार्यशालाओं का आयोजन, टीकाकरण शिविरों का प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक संदेश फैलाना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मीडिया के सहयोग से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक बालिकाएं टीकाकरण का लाभ उठा सकेंगी, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाने में मदद मिलेगी।

